केरल में सार्वजनिक अपमान के बाद एक महिला ने खुदकुशी कर ली। महिला की मौत के बाद पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं महिला के परिजनों ने गिरफ्तार किए गए लोगों का बचाव किया। साथ ही उसके पुरुष मित्र पर आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया।
कन्नूर जिले में रविवार शाम को परम्बई की रहने वाली महिला रसीना को अपने पुरुष मित्र के साथ एक कार में बैठा देखा गया। इसके बाद कुछ लोगों ने उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। आरोपियों ने उससे मारपीट की और उसका मोबाइल फोन और टैबलेट छीन लिया। इसके बाद महिला ने पिनाराई गांव स्थित अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी।
परिजनों ने गिरफ्तार युवकों का किया बचाव
पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। जबकि रसीना की मां फातिमा ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोग रिश्तेदार हैं। जिनकी मेरी बेटी की मौत में कोई भूमिका नहीं है। रसीना की मां ने कहा कि वे निर्दोष हैं। असली मुद्दा यह है कि मेरी बेटी से सोना और पैसा ठगा गया। परिवार मायिल गांव के उस युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की योजना बना रहा है जो रसीना से नियमित रूप से मिलने आता था। जब उसकी शादी हुई थी, तब उसके पास करीब 40 सोने के सिक्के थे, लेकिन अब कुछ भी नहीं बचा है। उसने कई लोगों से पैसे उधार भी लिए थे। हमारा मानना है कि उसके पुरुष मित्र ने सब कुछ हड़प लिया। उसका पति एक इज्जतदार आदमी है और उसे इस बारे में कुछ भी पता नहीं था।
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अपमान से टूट गई थी रसीना
पुलिस ने कहा कि सुसाइड नोट से पता चलता है कि सार्वजनिक अपमान से रसीना भावनात्मक रूप से टूट चुकी थी। कुछ लोगों ने रसीना को धमकाया और बदनाम किया, यहां तक कि उसके दोस्त से मोबाइल फोन समेत कई उपकरण जबरन छीन लिए। पुलिस ने बताया कि महिला ने सुसाइड नोट में लिखा कि वह ऐसी स्थिति में है जहां वह अब और नहीं रह सकती। पुलिस ने बताया कि जिन लोगों की आत्महत्या में भूमिका थी, उनके पास से मोबाइल और टैबलेट बरामद किए गए हैं। सभी लोगों से पूछताछ की गई। पूरी तस्वीर जानने के लिए रसीना के दोस्त रहीस से भी पूछताछ की जाएगी।
प्रतिबंधित इस्लामी संगठन के तीन कार्यकर्ता पकड़े गए
पुलिस ने कहा कि सुसाइड नोट के आधार पर प्रतिबंधित इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की राजनीतिक शाखा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। इसमें वीसी मुबशीर (28), केए फैजल (34) और वीके राफनास (24) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों और अन्य लोगों ने एक मस्जिद के पास रसीना और उसके दोस्त से पूछताछ की। बाद में उसके दोस्त पर हमला किया और उसे कई घंटों तक हिरासत में रखा। देर रात उसे रिहा करने से पहले उसके परिवार के सदस्यों को एसडीपीआई कार्यालय में बुलाया।
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यह तालिबानवाद था
घटना को लेकर वरिष्ठ माकपा नेता पीके श्रीमति ने कहा कि उस गांव में जो हुआ वह तालिबानवाद था। यह कुछ लोगों की मानसिकता है जो मानते हैं कि एक मुस्लिम महिला को उस व्यक्ति से बात नहीं करनी चाहिए जो उसका पति नहीं है। यह तालिबान जैसी मानसिकता ही थी। यह सिर्फ उग्रवाद नहीं है, उग्रवाद से भी आगे है, सरासर आतंक है। ऐसे भयावह कृत्यों और उग्रवादी गतिविधियों को अवश्य ही समाप्त किया जाना चाहिए। श्रीमति ने कहा कि केरल की धरती पर इसे जारी रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती। केरल के लोग इसका डटकर सामना करेंगे। इसे उखाड़ फेंकना होगा। हमें पूरी ताकत से इसका मुकाबला करना होगा।