मुख्य उद्योग सचिव डॉ. के इल्लनगोवन ने कहा कि आरडीआईएफ ने केरल सरकार की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव में रुचि दिखाई है। राज्य सरकार ने यह प्रस्ताव भारत में रूस के राजदूत निकोलाइ कुदाशेव के माध्यम से भेजा है। उन्होंने कहा, 'हमें इसमें दो विकल्प दिए गए हैं। पहला, लाइफ साइंस पार्क में एक ग्रीन फील्ड परियोजना और दूसरा, शीशियों को भरने के लिए, जो कि तात्कालिक परियोजना है। इसलिए कम और लंबी अवधि के लिए परियोजनाएं हैं।'
उन्होंने कहा कि कम अवधि की परियोजना के लिए, जिसे केरल अंतिम रूप देना चाहता है, राज्य औषधि एवं फार्मास्यूटिकल्स (केएसडीपीएल) अहम भूमिका निभाएगा। डॉ. इल्लनगोवन ने कहा, भूमि आवंटन को लेकर कुछ बदलावों पर काम किया जा रहा है। टीका बनने के बाद, बड़ी मात्रा में स्पूतनिक टीकों को यहां लाया जा सकेगा और उन्हें शीशियों में भरा जा सकेगा। लंबी अवधि की परियोजना में स्पूतनिक टीके का उत्पादन प्लांट बनाना है, जिस पर बात हो रही है।
डॉ. इल्लनगोवन ने कहा कि उत्पादन इकाई की स्थापना की परियोजना को अंतिम रूप देने के लिए वार्ताएं की जा रही हैं। उल्लेखनीय है कि कि लाइफ साइंसेज के क्षेत्र में 'लाइफ साइंसेज पार्क' एक पहला बड़ा कदम है। बता दें कि यह केरल राज्य औद्योगिक विकास कॉरपोरेशन (केएसआईडीसी) की पहल है और शोध संस्थानों, साइ-टेक एकेडेमिया तथा बायोटेक्नोलॉजी, नैनोटेक्नोलॉजी व लाइफ साइंस के क्षेत्र में काम करने वाली विभिन्न कंपनियों का एक क्लस्टर है।