केरल में साल 2010 में एक प्रोफेसर के हाथ काटने के मामले में बुधवार को एनआई को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। जांच एजेंसी ने मुख्य आरोपी सवाद को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके ससुर ने कई खुलासे किए हैं। ससुर का दावा है कि उनके परिवार को इस मामले में उसकी संलिप्तता के बारे में खबरों के जरिए पता लगा था।
13 साल बाद गिरफ्तार
दरअसल, सवाद ने 13 साल पहले चार जुलाई 2010 में केरल के प्रोफेसर टीजे जोसेफ पर एक समुदाय के अपमान का आरोप लगाकर उनका हाथ काट दिया था। इसके बाद से ही वह फरार चल रहा था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उसे 10 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया।
ससुर का दावा
कासरगोड के रहने वाले व्यक्ति ने बताया कि कर्नाटक के उल्लाल में एक दरगाह में पहली बार वह सवाद से मिले थे। उस समय उसने अपना नाम शाजहां बताया था और कहा था कि वह केरल के कन्नूर जिले के एक साधारण परिवार से है।
शख्स ने कहा कि वह गरीब थे और उनकी चार बेटियां थीं। सवाद बिना दहेज के शादी करने के लिए तैयार हो गया था। इसलिए साल 2016 में एक बेटी की शादी उससे करवा दी। शादी के दौरान भी सवाद ने स्थानीय मस्जिद अधिकारियों को बताया था कि उसका नाम शाजहां है।
ससुर ने बताया कि शादी के बाद एक महीने तक सवाद उनके साथ ही घर पर रहा। बाद में कन्नूर जिले के मट्टानूर में किराए का घर ले लिया था।
10 लाख का था इनाम
वहीं, वह एक जगह पर रहने से बचता था। इसके लिए उसने कई नौकरियां और रहने की जगह बदली थीं। उसके दो बच्चे (एक की उम्र चार साल और दूसरे की उम्र नौ महीने) भी है। एक साल से अधिक समय तक किराए के घर में रहने के दौरान उसने पड़ोसियों को अपना परिचय शाजहां के रूप में दिया। बढ़ई का काम किया। हालांकि, आसपास के लोगों के साथ ज्यादा बातचीत नहीं करता था। सवाद पर 10 लाख रुपये का इनाम था।
यह है मामला
इडुक्की जिले के थोडुपुझा (Thodupuzha) में न्यूमैन कॉलेज के प्रोफेसर टीजे जोसेफ का दाहिना हाथ चार जुलाई, 2010 को मौजूदा प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन पीएफआई के कथित सदस्यों द्वारा काट दिया गया था। यह हमला तब किया गया था जब वह (प्रोफेसर) एर्नाकुलम जिले के मुवत्तुपुझा में एक चर्च में रविवार की प्रार्थना सभा में भाग लेने के बाद अपने परिवार के साथ घर लौट रहे थे। सात लोगों के समूह में शामिल हमलावरों ने वाहन से प्रोफेसर को बाहर खींचा और उनके साथ मारपीट कर उनका दाहिना हाथ काट दिया था।
वहीं, एनआईए ने खुलासा किया है कि आरोपी न्यूमैन कॉलेज में बीकॉम सेमेस्टर परीक्षा के लिए निर्धारित प्रश्न पत्र बनाते वक्त अपमानजनक धार्मिक टिप्पणियों के लिए जोसेफ को मारना चाहते थे। इस मामले में अब तक 19 आरोपियों को भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत विभिन्न अपराधों के लिए दोषी ठहराया जा चुका है। इनमें से तीन को उम्रकैद और 10 अन्य को आठ साल कैद की सजा सुनाई गई है।