भगवान अयप्पा मंदिर से लौटते समय बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्री पी राधाकृष्णन के वाहन को रोकने संबंधी खबरों का खंडन करते हुये केरल पुलिस ने कहा कि उनके नहीं उनके काफिले के एक अन्य वाहन को रोका गया था। पुलिस ने इस वाहन को सबरीमाला के प्रदर्शनकारियों के सवार होने के संदेह में रोका था।
पुलिस ने कहा कि मंत्री का काफिला गुजर जाने के सात मिनट के बाद भाजपा के कार्यकर्ताओं को लेकर कार पहुंची, जिसके कारण संदेह हुआ। हालांकि, पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कई जगहों पर उनकी कार रोकी और उन्हें परेशान किया।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि वाहन में सवार लोगों ने राधाकृष्णन को पुलिस द्वारा रोके जाने की सूचना दी जिसके बाद वह घटनास्थल पर आए। भाजपा के राज्य मीडिया संयोजक आर संदीप ने बताया कि मंत्री के साथ यात्रा करने वालों के बारे में पूर्व जानकारी होने के बावजूद ‘उनके वाहनों को कई जगहों पर रोके जाने’ के बाद पुलिस ने उन्हें ‘परेशान’ किया।
उन्होंने बताया कि मंत्री के अधिकारियों से बातचीत के बाद उन्हें जाने की अनुमति दी गई। पुलिस ने बताया कि काफिले के एक अन्य वाहन को उसमें सबरीमाला प्रदर्शनकारियों के यात्रा करने के संदेह में रोका गया।
पुलिस की प्रतिक्रिया मीडिया की उन कुछ खबरों के बाद सामने आई है जिनमें कहा गया था कि मंत्री के वाहन को उस वक्त रोक दिया गया जब वह बृहस्पतिवार सुबह भगवान अयप्पा मंदिर में ‘दर्शन’ के बाद लौट रहे थे।