सांप्रदायिक टिप्पणी मामले में रविवार सुबह गिरफ्तार हुए केरल के वरिष्ठ राजनेता व पूर्व विधायक पीसी जॉर्ज को सशर्त जमानत मिल गई। पुलिस ने उन्हें उनके आवास से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि जॉर्ज ने एक हिंदू सम्मेलन के दौरान नफरती भाषण दिया था। वह अपने बयानों से सांप्रदायिक नफरत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
जमानत मिलने के बाद पीसी जॉर्ज ने कहा, अदालत ने मुझे सशर्त जमानत दी है। मैं अदालत के फैसले का सम्मान करता हूं। इससे पहले पुलिस ने जॉर्ज को एआर कैंप में रखा था। उनकी गिरफ्तारी से पहले कैंप के बाहर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मुस्तैद कर दी थी। सांप्रदायिक टिप्पणी के बाद पुलिस ने जॉर्ज के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
क्या कहा था जॉर्ज ने?
दरअसल, पीसी जॉर्ज ने एक सम्मेलन में भाषण के दौरान आरोप लगाया था कि मुस्लिम रेस्तरां में हिंदुओं को नपुंसक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने गैर मुस्लिमों से मुस्लिम रेस्तरां में न जाने की अपील करते हुए कहा था, वहां पुरुषों को नपुंसक और महिलाओं को बांझ बनाने वाली चाय परोसी जा रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि वे देश पर कब्जा कर सकें।
बयान के बाद जमकर हंगामा
पीसी जॉर्ज के बयान के बाद प्रदेश में राजनीति तेज हो गई है। उनके बयान की जमकर निंदा हो रही है। कांग्रेस ने राज्य सरकार से जॉर्ज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने आरोप लगाया कि जॉर्ज ने यह बयान साम्प्रदायिक भावना भड़काने और समाज में विभाजन पैदा करने के मकसद से दिया है।