गैरकानूनी वारदात और आतंक की घटनाओं को अंजाम देने से जुड़े आरोपियों को पकड़ने की कवायद जारी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 13 तस्वीरें जारी की हैं। इसमें एक तस्वीर केरल के कॉलेज प्रोफेसर की हथेली काटने वाले आरोपी की है। NIA ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि केरल के थोडुपुझा में करीब 13 साल पहले कॉलेज प्रोफेसर- टीजे जोसेफ की हथेली काटने का मामला सामने आया था। चार जुलाई, 2010 को सामने आए इस मामले में NIA ने लोगों से वॉट्सऐप पर सूचना मांगी है।
सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखेगी NIA
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े मामलों में यह आरोपी एनआईए की वांटेड सूची में शामिल है। आरोपी की पहचान सवाद के रूप में की गई है। वह एर्नाकुलम का रहने वाला है। वॉट्सऐप नंबर- 9497715294 पर इस आरोपी के संबंध में कोई भी सूचना भेजी जा सकती है। एनआईए ने आश्वस्त किया है कि आरोपी के बारे में सूचना भेजने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
दूसरे समुदाय के लोगों की हत्या की साजिश
एनआईए की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि केरल के पल्लकड़ में रहने वाले श्रीनिवासन की हत्या के मामले में भी कई आरोपियों की तलाश की जा रही है। एनआईए के अनुसार, पीएफआई से जुड़े तमाम आरोपी दूसरे समुदाय के लोगों की हत्या कर आतंक और खौफ का माहौल कायम करना चाहते थे। 16 अप्रैल, 2022 को हुई श्रीनिवासन की हत्या मामले में जिन चार वांटेड आरोपियों की तलाश की जा रही है, इनकी पहचान अब्दुल वहाब, अब्दुल राशिद और अयूब टीए के रूप में हुई है। एक वांटेड शख्स अज्ञात है। आरोपी एर्नाकुलम और पलक्कड़ के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
एक संदिग्ध के पहचान की अपील
पल्लकड़ निवासी श्रीनिवासन की हत्या में शामिल कुछ और संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए भी तीन तस्वीरें जारी की गई हैं। NIA ने कहा कि अप्रैल, 2022 के इस मामले में जिन लोगों की तस्वीरें जारी की गई हैं, इन लोगों की पहचान करने में मदद करने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए उनकी पहचान भी गोपनीय रखी जाएगी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस संदिग्ध शख्स का नाम, पता, फोन नंबर या इससे जुड़ी कोई भी सूचना मुहैया कराने की अपील की।
पीएफआई के मामलों में पांच और आरोपी, सूचना देने पर NIA देगी ईनाम
केरल के रहने वाले पांच अन्य आरोपी- मोहम्मद मंजूर, शाहुल हमीद, मुहम्मदैल केपी, मोहम्मद याजेर अराफात, शफीक पी को भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पीएफआई से जुड़े मामलों में वांटेड बताया है। ये आरोपी एर्नाकुलम और पलक्कड़ के अलावा मल्लापुरम जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। एनआईए ने कहा है कि गंभीर मामलों के इन आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद करने वाले लोगों को समुचित सम्मान और ईनाम से नवाजा जाएगा।
केरल में पीएफआई की जड़ें गहरी?
बता दें कि एनआईए ने कुल 14 तस्वीरें जारी कर आम लोगों खास तौर पर केरल के स्थानीय लोगों से मदद मांगी है। हालांकि नृशंस हत्या और हिंसा के इन मामलों में विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी देश के गंभीर आपराधिक और आतंकी वारदातों की जांच करती है। मीडिया रिपोर्ट्स में पीएफआई की जड़ें केरल में बेहद गहरी बताई जाती हैं। गैरकानूनी गतिविधियों और आतंक के वित्त पोषण जैसे आरोपों के कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पीएफआई को प्रतिबंधित संगठनों की सूची में रखा है।