केरल के मत्स्य पालन मंत्री साजी चेरियन ने गुरुवार को एक बार फिर अपनी बात दोहराई। उन्होंने कहा कि राज्य में कुछ छात्र हैं, जो एसएसएलसी परीक्षा पास करने के बावजूद ठीक से पढ़ने और लिखने में असमर्थ हैं।
चेरियन ने पिछले हफ्ते यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि एसएसएलसी परीक्षा पास करने वाले कई छात्रों में ठीक से लिखने या पढ़ने के कौशल की कमी है।
विधानसभा में विवाद
वहीं गुरुवार को विधानसभा में विपक्षी यूडीएफ विधायक एल्धोस कुन्नपिल्ली ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या शिक्षा विभाग मत्स्य मंत्री के विचार से सहमत है। इस दौरान मंत्री चेरियन अपने रुख पर कायम रहे। राज्य के शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने यह कहकर मामले को दरकिनार करने का प्रयास किया कि चेरियन ने भाषण को देते हुए ऐसा बयान दे गए।
शिवनकुट्टी ने यह भी कहा कि सरकार इस बात का बिल्कुल भी समर्थन नहीं करती है कि जिन लोगों ने एसएसएलसी (कक्षा 10) की परीक्षा पास कर ली है, वे ठीक से पढ़ना और लिखना नहीं जानते हैं।
चेरियन ने यह कहा था
हालांकि, चेरियन ने कहा कि 10वीं कक्षा का एक छात्र उनके घर अनुरोध करने के लिए आया था। उसका अनुरोध पत्र गलतियों से भरा हुआ था। उन्होंने कहा, 'इसलिए मैंने अपने भाषण में कहा था कि यहां ऐसे बच्चे हैं, जो सही से पढ़ना और लिखना नहीं जानते। मगर इसका मतलब यह नहीं है कि यह केरल में एक बड़ी समस्या है। इसे इस तरह से दिखाने की कोई जरूरत नहीं है। यह लोकतंत्र है, हम इस पर चर्चा कर सकते हैं। मैं इसके खिलाफ नहीं हूं।'
चेरियन ने शनिवार को तटीय अलप्पुझा जिले में एक कार्यक्रम में विवादास्पद टिप्पणी की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि पहले न्यूनतम 210 अंक हासिल करना कठिन था, लेकिन अब हर कोई परीक्षा पास कर रहा है।
गौरतलब है, पिछले महीने घोषित किए गए परिणाम में शैक्षणिक वर्ष 2023-24 के लिए केरल में कक्षा 10वीं की परीक्षाओं में कुल 4,25,563 छात्रों ने 99.69 प्रतिशत के कुल उत्तीर्ण प्रतिशत के लिए परीक्षा उत्तीर्ण की।