केरल के कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में हुए हादसे को लेकर राज्य के सहकारिता मंत्री वीएन वासवान ने सफाई दी है। राज्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के ढहे हिस्से को हटाने और बचाव अभियान में कोई देरी नहीं की गई। इस तरह के दावे पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित हैं। कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को एक पुराना वॉशरूम ढह गया था। इसमें एक महिला की मौत हो गई। जबकि तीन लोग घायल हो गए थे। हादसे के बाद विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि हादसे के बाद बचाव अभियान चलाने में देरी हुई थी।
इसे लेकर सहकारिता मंत्री वीएन वासवन ने कहा कि हमने और स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इमारत में किसी के न होने की बात सीएमएस और चिकित्सा अधिकारियों की जानकारी के आधार पर कही थी। जब मैं घटनास्थल पर पहुंचा तो मैंने तुरंत अग्निशमन एवं बचाव कर्मियों को मलबा हटाने और उसके नीचे फंसे लोगों की तलाश के लिए खुदाई करने वाली मशीन की व्यवस्था करने के लिए कहा था।
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उन्होंने कहा कि लेकिन भारी मशीनरी को वहां लाने में समय लगा क्योंकि इसके लिए रास्ता बनाना था। इसलिए, बचाव अभियान न तो रोका गया और न ही इसमें देरी हुई। इस तरह के आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और राजनीतिक लाभ के लिए लगाए गए हैं।
मंत्री वसावन ने कहा कि सरकारी प्रतिनिधियों के जरिये मृतक महिला के परिवार के साथ चर्चा की गई और शीघ्र पोस्टमार्टम सहित उनकी मांगों पर विचार किया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि महिला की बेटी के इलाज और परिवार को मुआवजा देने से संबंधित उनकी अन्य मांगों पर भी सरकार विचार करेगी।
यूडीएफ ने लगाए आरोप
विपक्षी यूडीएफ ने आरोप लगाया था कि सरकार ने बचाव अभियान शुरू करने में देरी की। जब लापता महिला के रिश्तेदारों ने चिंता जाहिर की तब बचाव अभियान गंभीरता से शुरू किया गया। यूडीएफ ने भी स्वास्थ्य मंत्री जॉर्ज पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया और घटना की न्यायिक जांच की मांग की।
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दो घंटे बाद मलबे से निकला महिला का शव
हादसे में मरने वाली महिला की पहचान थलयोलापरम्बु की रहने वाली बिंदु के रूप में हुई। घटना के दो घंटे बाद उसका शव मलबे से बाहर निकाला गया। जबकि हादासे में 11 वर्षीय अलीना, अमल प्रदीप (20) और जिनु साजी (38) घायल हुए। महिला के परिवार ने दावा किया कि अब तक किसी भी मंत्री या सरकार के किसी भी व्यक्ति ने उनसे संपर्क नहीं किया है।
महिला के पति का कहना है कि घटना के बाद मंत्री अस्पताल में मौजूद थे, लेकिन किसी भी मंत्री ने उनसे संपर्क करने की जहमत नहीं उठाई। पत्नी परिवार में एकमात्र कमाने वाली थीं और उनके बिना जीवन में आगे बढ़ना मुश्किल होगा। महिला अपनी बेटी की सर्जरी कराने आई थी।