लव जिहाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केरल की युवती हादिया के पिता केएम अशोकन ने मंगलवार को कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके परिवार में कोई आतंकी हो।
वहीं तमिलनाडु के सलेम स्थित शिवराज मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने बताया कि हादिया यहां अपने पहले लिखाए गए हिंदू नाम अखिला अशोकन पर ही पढ़ाई करेगी। प्रिंसिपल जी कन्नन ने कहा कि हादिया अब हॉस्टल में रहने वाली आम स्टूडेंट होगी और उसके लिए कोई खास बंदोबस्त नहीं किया जाएगा।
इससे पहले हादिया के बारे में उसके पिता अशोकन ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि मेरी बेटी इस्लाम कबूल करने के बाद सीरिया जाना चाहती है लेकिन उसे वहां के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
अशोकन ने संवाददाताओं से कहा कि यह बहुत दुखद है कि हादिया को इस खराब अनुभव से गुजरना पड़ा जिसकी वजह से उसकी पढ़ाई बाधित हुई।
उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता कि मेरे परिवार में कोई आतंकी हो। अंतर जातीय विवाह के बारे में जब अशोकन से उनकी राय पूछी गई तो उन्होंने कहा कि वह एक धर्म और एक ईश्वर में विश्वास रखते हैं। उन्होंने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि हादिया को नजरबंद रखा गया था।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने बीते सोमवार को 25 वर्षीय हादिया को उसके अभिभावकों के संरक्षण से स्वतंत्र करते हुए उसे कॉलेज में पढ़ाई जारी रखने का निर्देश दिया था।
हालांकि हादिया ने आग्रह किया था कि उसे उसके शौहर शैफीन के साथ जाने दिया जाए। बता दें कि इस मामले में हादिया के पिता बंद कमरे में सुनवाई चाहते थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने खुली अदालत में करीब डेढ़ घंटे तक हादिया से बात की थी।