केरल हाईकोर्ट ने सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के प्रदेश सचिव के एस शान की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को बृहस्पतिवार को जमानत दे दी। अदालत ने तीनों आरोपियों को यह कहते हुए जमानत दे दी कि उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 212 (अपराधी को शरण देना) के तहत एकमात्र अपराध बनता है।
विज्ञापन
अदालत ने यह भी कहा कि कोई नहीं जानता कि राज्य में एंबुलेंस में क्या होता है। कई जगहों पर एंबुलेंस यूं ही इधर-उधर गुजरते हुए नजर आती है जबकि देश के अन्य राज्यों में ऐसा नहीं है। जस्टिस गोपीनाथ ने सवाल किया, हम यहां सड़कों पर इतनी सारी एंबुलेंस देखते हैं। क्या राज्य में इतने बीमार लोग हैं। शान की पिछले साल 18 दिसंबर की रात हत्या कर दी गई और घटना के बाद जवाबी हमले में अगली सुबह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता की हत्या कर दी गई।
मामले में जिन आरोपियों को राहत दी गई उनमें से एक एंबुलेंस चालक है, जिसने कथित तौर पर शान के हत्यारों को अपनी एंबुलेंस के जरिये भागने में मदद की थी। गौरतलब है कि पिछले साल 18-19 दिसंबर को अलप्पुझा में हत्याओं के बाद अगले कुछ दिनों के लिए वहां निषेधाज्ञा लागू कर दी गई थी। शान पर रात में घर लौटते समय हमला किया गया था।