बता दें कि यह याचिका भगवान अयप्पा के भक्त मधुसूदनन नंबूथिरी ने दायर कर मेलसंथी के रूप में महेश पीएन के चयन को चुनौती दी थी। उनका आरोप है चयन के लिए लॉटरी प्रक्रिया में गड़बड़झाला किया गया है।
सबरीमला में भगवान अयप्पा मंदिर के 'मेलसंथी' या मुख्य पुजारी महेश पीएन के चयन को चुनौती देने वाली याचिका केरल हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। जस्टिस अनिल के नरेंद्रन और जस्टिस जी गिरीश की पीठ ने मामले में सुनवाई की। दलीलों को सुनने और चुनाव प्रक्रिया की वीडियो क्लिप एवं सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पीठ ने कहा कि हमें सबरीमला श्री धर्म संस्था मंदिर के मेलसंथी के चयन में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं मिला।
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बता दें कि यह याचिका भगवान अयप्पा के भक्त मधुसूदनन नंबूथिरी ने दायर कर मेलसंथी के रूप में महेश पीएन के चयन को चुनौती दी थी। उनका आरोप है चयन के लिए लॉटरी प्रक्रिया में गड़बड़झाला किया गया है। उन्होंने अदालत से त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड को चयन प्रक्रिया को नए सिरे से आयोजित करने के निर्देश देने की मांग की थी।
नंबूथिरी ने आरोप लगाया था कि सबरीमाला के विशेष आयुक्त ने महेश के नाम वाले कागज को बर्तन में डालने से पहले दोनों हथेलियों का इस्तेमाल कर इसे रोल नहीं किया था, जबकि अन्य पर्चियों के मामले में समान प्रक्रिया अपनाई गई थी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि बर्तनों को हिलाते समय रोल किए गए कागज के टुकड़ों की तुलना में कम घनत्व और अधिक क्षेत्रफल वाले अनियंत्रित कागज के टुकड़े ऊपर आ जाएंगे। इसे आसानी से उठा लिया गया और इसी आधार पर महेश का चयन हो गया।