चीफ जस्टिस, एस. मणिकुमार की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने तिरुवनंतपुरम निवासी व्यक्ति द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में उन्होंने हिंसा की जांच एनआईए से कराने की मांग की थी।
केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें विझिंजम हिंसा की जांच एनआईए से कराने की मांग की गई थी। दरअसल, तीन हजार से ज्यादा बंदरगाह (पोर्ट) विरोधी प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाने में तोड़फोड़ की थी, जिसमें 40 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
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चीफ जस्टिस, एस. मणिकुमार की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने तिरुवनंतपुरम निवासी व्यक्ति द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में उन्होंने हिंसा की जांच एनआईए से कराने की मांग की थी।
कोर्ट ने राज्य सरकार की इस दलील को स्वीकार किया कि मामले दर्ज कर लिए गए हैं और मामले की जांच शुरू हो गई है। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा, जांच प्रारंभिक चरण में है।
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मछुआरे अदाणी समूह के निर्माणाधीन विझिंजम पोर्ट के खिलाफ बीते चार महीने से अधिक समय से विरोध कर रहे हैं, जिसके चलते 26 और 27 नवंबर को हिंसा हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने 27 नवंबर की रात को विझिंजम पुलिस थाने पर हमला कर दिया था, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।