तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से 5 जुलाई 2020 को एनआईए, ईडी और कस्टम ने यूएई दूतावास के राजनयिक सामान से 15 करोड़ के सोने को जब्त किया था। तीनों विभाग ने मामले की अलग-अलग जांच की। इसके बाद एनआईए ने 11 जुलाई 2020 को बेंगलुरु से यूएई दूतावास के पूर्व कर्मचारी सुरेश को गिरफ्तार किया था।
केरल हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन सहित अन्य उच्च अधिकारियों के खिलाफ लगी याचिका को खारिज कर दिया। 5 जुलाई 2020 को तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से राजनयिक बोझ से से सोना जब्त किया था। मामले में सीएम के पूर्व प्रधान सचिव एम शिव शंकर को भी गिरफ्तार किया गया था। मामले में हाईरेंज रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी इंडिया के संस्थापक अजी कृष्णन ने मुख्यमंत्री तमाम सहित राजनीतिक अधिकारियों के खिलाफ याचिका लगाई थी।
वकील ने की पुष्टि
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केस से जुड़े एक वकील ने बताया कि बुधवार को केरल हाईकोर्ट के जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने कृष्णन की याचिका को खारिज कर दिया है। वकील ने कहा कि जस्टिस थॉमस ने याचिका के तथ्यों को कमजोर बताते हुए खारिज किया था। याचिका में सोने की तस्करी मामले में सीएम सहित अन्य उच्च अधिकारियों की ईडी और कस्टम जांच कराने की मांग की गई थी।
2 साल पुराना है मामला
तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से 5 जुलाई 2020 को एनआईए, ईडी और कस्टम ने यूएई दूतावास के राजनयिक सामान से 15 करोड़ के सोने को जब्त किया था। तीनों विभाग ने मामले की अलग-अलग जांच की। इसके बाद एनआईए ने 11 जुलाई 2020 को बेंगलुरु से यूएई दूतावास के पूर्व कर्मचारी सुरेश को गिरफ्तार किया था। सुरेश के साथ एक अन्य आरोपी संदीप नायर भी एनआईए की गिरफ्त में आया था। मामले में मुख्यमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव एम शिवशंकर और यूएई दूतावास के एक अन्य पूर्व कर्मचारी सरिथ सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।