केरल सरकार का कहना है कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के पास आठ विधेयक लंबित हैं जिन्हें विधानसभा ने मंजूरी दे दी है लेकिन राज्यपाल की तरफ से अभी तक मंजूरी नहीं दी गई है।
केरल सरकार ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पर कई विधेयकों को मंजूरी नहीं देने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन की सरकार ने राज्यपाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका भी दायर की है। सरकार द्वारा याचिका दायर करने पर आरिफ मोहम्मद खान ने प्रतिक्रिया दी है।
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केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का न केवल सम्मान करते हैं, बल्कि वह जो भी कहते हैं हम सब इससे बंधे हुए हैं। मैं वहां किए गए कुछ टिप्पणियों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं, क्योंकि मामला अलग है। लोकयुक्त के मामले में आप अपने ही जज नहीं हो सकते हैं। जहां आपको अपने बारे में निर्णय लेना है, वहीं आप न्यायशास्त्र के मूल सिद्धांत का उल्लंघन कर रहे हैं।'
उन्होंने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, 'जहां तक यूनिवर्सिटी बिल का सवाल है, तो प्रावधान कहां है? कुलपतियों द्वारा किए जाने वाले व्यय को पूरा कौन करेगा? यदि कोई व्यय शामिल है तो क्या उसे धन विधेयक माना जाएगा या नहीं? गर यह धन विधेयक है तो क्या इसके लिए राज्यपाल की पूर्व मंजूरी की आवश्यकता होगी या नहीं? सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला देगा, हम सभी उसे लागू करने के लिए बाध्य हैं।'
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केरल सरकार का कहना है कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के पास आठ विधेयक लंबित हैं जिन्हें विधानसभा ने मंजूरी दे दी है लेकिन राज्यपाल की तरफ से अभी तक मंजूरी नहीं दी गई है। केरल सरकार की याचिका में आरोप है कि तीन विधेयक तो बीते दो साल से राज्यपाल के पास लंबित हैं।