सुप्रीम कोर्ट से जासूसी के आरोपों से बाइज्जत बरी होने के बाद इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नांबी नारायणन को केरल सरकार ने 50 लाख रुपये की मुआवजा राशि दी है। 1994 के जासूसी मामले में झूठे फंसाए जाने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें मुआवजा देने का आदेश दिया था। मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने राज्य सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम में 76 वर्षीय पूर्व वैज्ञानिक को 50 लाख रुपये का चेक सौंपा।
नारायणन ने कहा कि पहले ही दिन से वह पूरी तरह से आश्वस्त थे कि उनके खिलाफ मामला झूठा है। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि सरकार मेरे साथ है। विजयन ने कहा कि इस मुआवजा राशि को जांच में खामी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से वसूला जाएगा। सरकार उनसे वह राशि वसूलने के रास्तों को तलाश रही है।
14 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि नारायणन को बिना वजह गिरफ्तार किया गया, प्रताड़ित किया गया। इसकी वजह से उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। इसलिए राज्य सरकार आठ हफ्तों के भीतर उन्हें मुआवजा दे। इसके साथ ही अदालत ने इस मामले में केरल पुलिस की भूमिका की जांच का आदेश भी दिया था।