केरल सोना तस्करी मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने माकपा के तीन नेताओं पर निशाना साधा है। उन्होंने माकपा के तीन शीर्ष नेताओं पर यौन दुराचार का आरोप लगाया है। स्वप्ना सुरेश के इस आरोप के बाद शनिवार को राज्य में विवाद खड़ा हो गया है। गौरतलब है कि स्वप्ना सुरेश बीते काफी समय से मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन उनके परिवार को निशाना बना रही हैं। उनके इस हमले के बाद विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने माकपा सरकार को घेरा है। इतना ही नहीं, दोनों पार्टियों ने आरोपी दो पूर्व मंत्रियों और एक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाया है।
स्वप्ना सुरेश ने लगाए आरोप
गौरतलब है कि स्वप्ना सुरेश ने शुक्रवार को एक टीवी चैनल से वार्ता करते हुए आरोप लगाया था कि माकपा के दो पूर्व मंत्रियों और एक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहा था। हालांकि उनके आरोपों पर अभी तक ना तो माकपा ने कोई प्रतिक्रिया दी है और ना ही माकपा के नेताओं ने कुछ कहा है। वहीं, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ने इसे लेकर माकपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
केपीसीसी प्रमुख के सुधाकरन और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीसन ने कहा कि केरल के इतिहास में यह देखा गया है कि जब इस तरह के गंभीर आरोप लगाए जाते हैं तो प्राथमिकी दर्ज की जाती है और जांच की जाती है। केपीसीसी प्रमुख के सुधाकरन ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी के किसी नेता के खिलाफ ऐसे आरोप होते हैं तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाता है ऐसे में सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा ने कहा-मामले की जांच की जानी चाहिए
वहीं, भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने माकपा के खिलाफ हमला बोलते हुए कहा कि स्वप्ना सुरेश ने मीडिया के सामने जो खुलासे किए हैं, उन्हें कानूनी सबूत के तौर पर मान्यता देते हुए आरोपी नेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी और राज्य के सीएम पिनाराई विजयन से सवाल करते हुए कहा कि माकपा और मुख्यमंत्री स्वप्ना सुरेश द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहे हैं। वे आरोपों के सबूत तक दे रही हैं ऐसे में मामला दर्ज कर आरोपों की जांच की जानी चाहिए।
गौरतलब है कि ये पहली बार नहीं है जब स्वप्ना सुरेश ने केरल की सत्ताधारी पार्टी के नेताओं या राज्य के सीएम के खिलाफ बयानबाजी की हो। वे पहले भी ऐसा कर चुकी हैं। अभी हाल ही में केरल सोना तस्करी मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने आरोप लगाया था कि केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने आतंकियों को भगाने में यूएई वाणिज्य दूतावास की मदद की थी। चार जुलाई, 2017 को यूएई के एक नागरिक को सीआईएसएफ कोच्चि हवाई अड्डे के अधिकारियों ने भारत में प्रतिबंधित थुरया सैटेलाइट फोन के साथ पकड़ा था।