केरल विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ माकपा के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस चुनाव में सभी की निगाहें पलक्कड विधानसभा सीट पर टिकी थीं। यहां से भारतीय जनता पार्टी ने ‘मेट्रो मैन’ के नाम से मशहूर ई श्रीधरन को चुनावी मैदान में उतारा था। शुरुआती रुझानों में ई श्रीधरन दो बार के विधायक रहे कांग्रेस प्रत्याशी शफी परामबिल से आगे चल रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस उम्मीदवार शफी परमबिल एक बार फिर पलक्कड़ विधानसभा सीट पर जीत हासिल करने में सफल रहे। परमबिल को 54079 (38.06) वोट मिले जबकि श्रीधरन 50220 (35.34) वोट ही हासिल मिले। चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए ई श्रीधरन ने कहा था कि उनका मुख्य लक्ष्य केरल में पार्टी को सत्ता में लाना है और पार्टी के जीतने पर वह मुख्यमंत्री पद संभालने के लिए तैयार रहेंगे।
केरल में मुख्य मुकाबला कांग्रेस की लीडरशिप वाले यूडीएफ और लेफ्ट फ्रंट के एलडीएफ के बीच रहा है। इस दक्षिणी राज्य में कम्युनिस्ट और कांग्रेस नीत यूडीएफ के बीच सत्ता की अदला-बदली के चार दशक पुराने चलन रहा है, लेकिन इस बार एलडीएफ की जीत ने इस चलन को रोककर इतिहास बना दिया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, केरल में एलडीएफ 99 सीटों पर जबकि यूडीएफ 41 सीटों पर आगे चल रहा है। वहीं भाजपा की अगुवाई वाला एनडीए किसी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सका है।