केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने गुरुवार को तिरुवनंतपुरम मेयर और केएसआरटीसी बस चालक के बीच विवाद मामले में सीसीटीवी कैमरे से मेमोरी कार्ड गायब होने के पीछे राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता सतीसन ने कहा, तिरुवनंतपुरम मेयर आर्य राजेंद्रन और केएसआरटीसी बस चालक के बीच विवाद के दौरान मेमोरी कार्ड गायब होना रहस्यमय है, उन्हें संदेह हो रहा है कि मेमोरी कार्ड को जानबूझकर गायब कर नष्ट कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस मामले की भी जांच होनी चाहिए कि मेमोरी कार्ड के गायब होने के पीछे कोई राजनीतिक साजिश तो नहीं है, जो इस मामले में अहम सबूत होता। कांग्रेस नेता का बयान कैंटोनमेंट स्टेशन के पुलिस कर्मियों की टीम द्वारा केएसआरटीसी डिपो में खड़ी सुपरफास्ट बस की जांच करने के एक दिन बाद आया है। टीम मेमोरी कार्ड को प्राप्त करने में विफल रही।
मेयर और बस चालक के बीच विवाद का ये था मामला
हालांकि, मेयर राजेंद्रन ने दावा किया कि बस को रोका नहीं गया था। जब बस रेड सिग्नल क्षेत्र में रुकी थी तो उन्होंने चालक से बात की थी, ताकि वह उनके और उनकी भाभी के प्रति चालक द्वारा किए गए गलत इशारों का विरोध जता सकें। हालांकि, जिस चालक पर मामला दर्ज किया गया था, उसने आरोपों से इनकार कर दिया था।
सतीसन ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता सतीसन ने चालक की शिकायत के आधार पर यात्री बस को रोकने के लिए मेयर, कार सवार उनके पति और बालुसेरी विधायक सचिन देव के साथ रिश्तेदारों पर केस दर्ज नहीं करने पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि मेयर और उनकी टीम ने बस रोकी। अपने मुद्दे उठाने के लिए विरोध प्रदर्शन करने वालों पर भी मामला दर्ज करने वाली पुलिस ने मेयर और उनके सह-यात्रियों के खिलाफ मामला दर्ज क्यों नहीं किया? क्या केरल पुलिस मेयर और विधायक के खिलाफ मामला दर्ज करने से डर रही है? नेता प्रतिपक्ष ने यह भी जानना चाहा कि क्या ऊपर से कोई मामला दर्ज न करने का निर्देश है।
दूसरे पक्ष की शिकायत को खारिज करना भेदभावपूर्ण