केरल में कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझालनदान ने मुख्यमंत्री पिनारई विजयन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। सीएम विजयन पर अपना हमला तेज करते हुए कांग्रेस विधायक ने कहा, सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) मुख्यमंत्री और उनके परिवार की तरफ से की गई "लूट" को सही ठहराने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि लूट का बचाव करने के लिए सरकार के साथ-साथ पार्टी मशीनरी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
कांग्रेस के हमले से बौखलाई केरल की सत्तारूढ़ पार्टी
सोमवार को कांग्रेस विधायक ने कहा कि लूट का एक उदाहरण राज्य माल और सेवा कर विभाग की तरफ से जारी हालिया पत्र है। इसमें उनके अनुसार, केवल यह कहा गया है कि कानून के तहत आवश्यक एकीकृत माल और सेवा कर (आईजीएसटी) का भुगतान किया गया है। कांग्रेस विधायक के हमले से बौखलाई सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) ने कांग्रेस विधायक पर पलटवार करते हुए इस मामले पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया।
सीपीआईएम का दावा- करों का भुगतान किया गया
सीपीआई (एम) केंद्रीय समिति के सदस्य एके बालन ने कहा, सामान्य ज्ञान वाला कोई भी व्यक्ति वीना और उसकी फर्म और निजी कंपनी के बीच वित्तीय लेनदेन को बिना किसी पेशेवर सेवा के कथित भुगतान या काले धन के रूप में नहीं बता सकता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अपेक्षित करों का भुगतान किया गया।
मुख्यमंत्री पर आरोप के लिए माफी मांगने की मांग
बालन के अनुसार, कांग्रेस विधायक अतीत में खुद अपनी ही कही गई बात से पलट रहे हैं। उन्होंने कहा, वह अदालत जा सकते हैं। उन्हें कोई नहीं रोक रहा है। लेकिन उन्हें दैनिक आधार पर प्रचार और झूठ फैलाने से बचना चाहिए। उन्होंने एक दिन पहले मांग की थी कि कुझालनदान को सीएम पिनाराई विजयन और उनकी बेटी से उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के लिए माफी मांगनी चाहिए।
वित्त मंत्री पर जवाब नहीं देने के आरोप
केरल की मुवातुप्पुझा विधानसभा सीट से निर्वाचित कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझालनदान ने कहा कि पत्र में कहीं भी सीएम की बेटी वीणा टी का नाम नहीं है। विषय में केवल बेटी की कंपनी के नाम का जिक्र है। कोच्चि स्थित निजी खनिज कंपनी, सीएमआरएल से वीणा और उनकी कंपनी को कुल 1.72 करोड़ रुपये मिले। टैक्स अमाउंट के संबंध में राज्य के वित्त मंत्री केएन बालगोपाल ने कोई जवाब नहीं दिया।
सीपीआईएम पर सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल
कुझालनदान ने आरोप लगाया, केरल की जनता को गुमराह करने के लिए वित्त विभाग ने कुछ सूचनाएं शेयर कीं। उन्होंने कहा, ये एक कैप्सूल था और मीडिया ने इसे पूरा निगल लिया। यह इस बात का संकेत है कि कैसे राज्य की सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल सीएम और उनके परिवार की तरफ से की गई लूट को सही ठहराने और उनका बचाव करने के लिए किया गया है। कांग्रेस विधायक ने यह भी दावा किया कि बेटी वीना को 1 जनवरी, 2017 से निजी कंपनी से और 2 मार्च, 2017 से उनकी फर्म से, दोनों अलग-अलग अनुबंधों के तहत पैसा मिल रहा था।
सरकार ने टैक्स माफ कर दिया
कुझालनदान ने कहा कि सरकार और सीपीआईएम मशीनरी का इस्तेमाल उन्हें निशाना बनाने और उनका मनोबल गिराने के लिए किया जा सकता है, लेकिन उन्हें डराया नहीं जा सकता क्योंकि "भगवान मेरे साथ हैं"। कांग्रेस विधायक ने कहा कि उन्होंने जीएसटी का मुद्दा तब उठाया था जब सीपीआई (एम) राज्य सचिवालय यह कहकर वीणा के बचाव में आया था कि उन्होंने अपेक्षित टैक्स माफ कर दिया है।
मुख्यमंत्री की बेटी का नाम भी आया, जीएसटी नहीं चुकाया गया
उन्होंने यह भी दावा किया कि वीना और उनकी कंपनी ने कोच्चि स्थित कंपनी के साथ लेनदेन के संबंध में कोई जीएसटी नहीं चुकाया है, उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा। कांग्रेस विधायक ने कहा, हमें मूल मुद्दे से नहीं भटकना चाहिए - वीना को बिना कोई सेवा प्रदान किए वह पैसा क्यों मिला? यह पैसा सीएम का पक्ष लेने के लिए दिया गया था।"