राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ने सीएम पर लगाया आरोप
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केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने बुधवार को राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सीएम पिनाराई विजयन देश की सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों के बारे में उन्हें अंधेरे में रख रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि हाल ही में सीएम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य में सोने की तस्करी की गतिविधियों का जिक्र किया था और पुलिस की वेबसाइट के अनुसार तस्करी की गई पीली धातु की बिक्री से प्राप्त आय का इस्तेमाल प्रतिबंधित संगठनों को वित्तपोषित करने के लिए किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां राष्ट्र की सुरक्षा से संबंधित हैं, लेकिन सीएम उन्हें इस बारे में अंधेरे में रख रहे हैं।
उनके पास छिपाने के लिए कुछ है- आरिफ मोहम्मद खान
राज्यपाल ने आगे दावा किया, मेरा कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में कोई राष्ट्र-विरोधी गतिविधि न हो। मुझे ऐसी गतिविधियों के बारे में राष्ट्रपति को सूचित करना है। लेकिन, वह (सीएम) मुझे अंधेरे में रख रहे हैं, जबकि उन्हें राष्ट्र की सुरक्षा से संबंधित मामलों पर मुझे जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि सीएम राजनीतिक उद्देश्यों के लिए झूठ बोल रहे हैं और उनके कार्यों से संकेत मिलता है कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ है।
'राष्ट्र-विरोधी गतिविधि के खिलाफ मेरे पास कार्रवाई का अधिकार'
उन्होंने कहा कि अगर राज्य में राष्ट्र-विरोधी गतिविधियां चल रही हैं तो उनके पास कार्रवाई करने का अधिकार है और उन्होंने कहा, जल्द ही आपको पता चल जाएगा कि मेरे पास अधिकार है या नहीं। सीएम पर उनका ताजा हमला विजयन पर राज्य में चल रही कथित राष्ट्र-विरोधी और राज्य-विरोधी गतिविधियों के बारे में जानकारी मांगने पर चुप्पी, निष्क्रियता और अत्यधिक देरी का आरोप लगाने के एक दिन बाद आया है।
राज्यपाल के CS-DGP को बुलाने पर शुरू हुआ विवाद
राज्यपाल ने मंगलवार को सीएम के एक पत्र के बाद यह तीखा आरोप लगाया था, जिसमें कहा गया था कि राज्यपाल निर्वाचित सरकार को सूचित किए बिना अधिकारियों को नहीं बुला सकते। सीएम के पत्र में राज्यपाल की तरफ से मुख्य सचिव शारदा मुरलीधरन और डीजीपी शेख दरवेश साहब से विजयन की हालिया कथित टिप्पणियों के बारे में जानकारी मांगने का जिक्र था, जिसमें कहा गया था कि समूह राज्य में सोने की तस्करी कर रहे हैं और आय का उपयोग 'राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों' के लिए कर रहे हैं।
सीएम के पत्र के बाद राज्यपाल से नहीं मिले अधिकारी
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पुलिस अधिकारियों से जुड़े फोन-टैपिंग के आरोपों के बारे में भी उनसे जानकारी मांगी थी। सीएम के पत्र के बाद, मुख्य सचिव और डीजीपी दोनों ने राज्यपाल से मुलाकात नहीं की। इस घटनाक्रम से नाखुश राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा था कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियों जैसे गंभीर मामलों पर राज्यपाल को जानकारी देने के अपने संवैधानिक कर्तव्य से पीछे हटने वाली सरकार और राज्यपाल के अनुरोध को एक नियमित प्रशासनिक मामला मानने से संवैधानिक प्रावधानों और संवैधानिक नैतिकता के खिलाफ काम करने के रूप में देखे जाने का खतरा है।