केरल हाईकोर्ट ने पीएफआई के बंद के आह्वान पर कड़ा रुख दिखाया है। हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते संगठन के नेताओं के खिलाफ मामला दायर कर लिया। केरल हाईकोर्ट के पूर्व के आदेश के अनुसार बगैर इजाजत के राज्य में कोई बंद आयोजित नहीं कर सकता है।
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ देशभर में छापों व गिरफ्तारियों के विरोध में आज संगठन ने केरल बंद का आह्वान किया है। बंद के दौरान केरल के कई शहरों में तोड़फोड़ व बवाल की खबरें आ रही हैं। कोल्लम में पुलिस पर हमला किया गया है। कन्नूर के मट्टनूर में आरएसएस के कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की खबर मिली है। वहीं, तमिलनाडु के कोयंबटूर में भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ की सूचना है।
कोयंबटूर में भाजपा दफ्तर पर हमला, फेंका गया पेट्रोल बम
तमिलनाडु के कोयंबटूर में भाजपा कार्यालय पर हमला किया गया है। यहां अज्ञात व्यक्ति द्वारा भाजपा दफ्तर पर ज्वलनशील पदार्थ से भरी बोतल फेंकने का मामला सामने आया है। घटना के बाद गुस्साए भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। भाजपा कार्यकर्ता इस हमले को एक दिन पहले पीएफआई के खिलाफ हुई छापेमारी से जोड़कर देख रहे हैं। कार्यकर्ता नंदकुमार ने कहा, हमार दफ्तर पर पेट्रोल बम फेंका गया है। इसी तरह से आंतकी हमले होते हैं। आज ही पीएफआई के खिलाफ छापेमारी की गई थी।
15 राज्यों में हुई थी छापेमारी
NIA ने गुरुवार को PFI पर 15 राज्यों में 93 स्थानों पर छापा मारा। केरल-39, तमिलनाडु-16, कर्नाटक-12, आंध्र प्रदेश-7, तेलंगाना-1, उत्तर प्रदेश-2, राजस्थान-4, दिल्ली-2, असम-1, मध्य प्रदेश-1, महाराष्ट्र-4, गोवा-1, पश्चिम बंगाल-1, बिहार-1 और मणिपुर में 1 स्थान पर छापा मारा था। सूत्रों के मुताबिक, NIA के करीब 300 अधिकारी तलाशी अभियान में शामिल रहे। NIA डीजी ने ऑपरेशन की निगरानी की। 2010-11 से पहले PFI मामलों में कुल 46 आरोपियों को दोषी ठहराया गया था और PFI के खिलाफ मामलों में 355 आरोपियों पर पहले ही आरोपपत्र दायर किया जा चुका है। केरल में पीएफआई के सबसे अधिक 22 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। इनमें संगठन के अध्यक्ष ओएमए सलाम भी हैं।