पांच साल पहले करीब दो माह में दो नाबालिग बेटियों को रहस्यमय हालात में खोने वाली वालायार बहनों की मां ने इंसाफ की मांग लेकर आत्मकथा लिखी है। यह शुक्रवार को रिलीज होगी, जब उनकी छोटी बेटी की पांचवीं बरसी है।
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‘मैं वालायार मां हूं, नाम भाग्यवथी’ नाम की किताब इंसाफ के लिए उनके संघर्ष और इस राह में उनके सामने आई भीषण कठिनाइयों की दास्तां है। बेटियों की मौत के बाद समाज के लोगों ने उन पर तमाम आरोप लगाए, लेकिन किसी ने दर्द को नहीं समझा।
पलक्कड़ के वालायर में रहने वाली 13 साल की बड़ी बहन 13 जनवरी 2017 को फंदे में लटकी मिली थी। महज दो माह बाद ही 4 मार्च को 9 साल की छोटी बहन ठीक इसी तरह फंदे में लटकी मिली। मां ने बेटियों की हत्या का आरोप लगाया, लेकिन पुलिस की जांच में पता चला कि नाबालिग समेत पांच लोग एक साल से दोनों से अप्राकृतिक दुराचार कर रहे थे। इसी से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या की। पॉस्को कोर्ट से ये पांचों छूट गए। जनवरी 2021 में हाईकोर्ट ने जांच की खामियों के कारण मामला दोबारा खोलने का आदेश दिया।