राज्य में भाजपा धीरे धीरे अपना पैर पसार रही है और वोट का शेयर भी बढ़ता जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2011 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 6.03 फीसदी, 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 10.85 फीसदी, साल 2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा-एनडीए को 14.96 फीसदी और साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा-एनडी को 15.2 फीसदी वोट मिले थे। यही नहीं, पिछले साल यानी 2020 में हुए पंचायत चुनावों में भाजपा को करीब 17 फीसदी वोट मिले थे। इस हिसाब से ये तो तय है कि भाजपा इस बार के चुनाव में मजबूती के साथ टक्कर देगी। इस बात का आभास विपक्षी दलों को हैं, इसलिए वे इस बार थोड़ा परेशान नजर आ रहे हैं। पिछले साल हुए पंचायत चुनावों में भाजपा को अच्छी सफलता मिली। एनडीए को 1182 ग्राम पंचायतों, 37 ब्लॉक पंचायत, 2 जिला पंचायत, 320 नगर पालिका वार्ड और 59 नगर निगम वार्ड में जीत हासिल हुई। मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक, पार्टी को राज्य में पंचायत चुनाव के दौरान करीब 35 लाख वोट मिले। वहीं, साल 2015 के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा को करीब 13.28 फीसदी वोट मिले थे।
वामदलों के लिए खतरे की घंटी
नई सदी भारत की राजनीति में वामदलों के लिए बड़ी मुसीबत बन कर आई है। शुरुआत में वाम राजनीति का सबसे मजबूत किला पश्चिम बंगाल ढह गया। बाद में त्रिपुरा में भाजपा के हाथों सत्ता गंवानी पड़ी। केरल के रूप में अब उसके पास इकलौता राज्य बचा है। जाहिर तौर पर अगर केरल में भी नाकामयाबी हाथ लगी तो वामदलों की देश की राजनीति में प्रासंगिकता खत्म होने पर मुहर लग जाएगी।
कांग्रेस के लिए करो या मरो की स्थिति
देश की राजनीति में वामदलों की तरह सिकुड़ती जा रही कांग्रेस के लिए भी यह चुनाव करो या मरो की स्थिति वाला है। राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी का दखल कम होता जा रहा है तो राज्यों में जीती हुई सत्ता पार्टी संभाल नहीं पा रही। शीर्ष स्तर पर गुटबाजी से परेशान पार्टी की सारी उम्मीदें बस राज्य के बदलाव की परंपरा पर हैं।
भाजपा ने पालक्कड सीट से 88 साल के ई. श्रीधरन को चुनावी मैदान में उतारा है। पार्टी को इस सीट से काफी उम्मीद है। पीएम नरेंद्र मोदी खुद पालक्कड आकर बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में रोड शो कर चुके हैं। इस सीट पर श्रीधरन का मुकाबला दो बार से लगातार विधायक रहे कांग्रेस उम्मीदवार शाफी परमबिल से है। 38 साल के शाफी अपना पहला चुनाव करीब सात हजार वोट से और फिर 2016 का चुनाव करीब 17 हजार वोटों से जीते थे। पिछले चुनाव में भाजपा ने पहली बार केरल में अपना खाता खोला था और नेमम सीट पर जीत दर्ज की थी। इस बार भाजपा को काफी सीटें जीतने की उम्मीद हैं, जिसमें एक सीट पालक्कड है।