मलयालम फिल्म इंडस्ट्री आया भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को तीन चर्चित अभिनेताओं पर दुष्कर्म या यौन उत्पीड़न के मामले में दर्ज किए गए। इनमें जाने माने अभिनेता और सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक एम. मुकेश, जयसूर्या और मनियानपिल्ला राजू शामिल हैं। मुकेश के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। मुकेश पर एक अभिनेत्री ने आरोप लगाया है कि अभिनेता ने कई साल पहले उसका यौन उत्पीड़न किया था, जिसके आधार पर यह मामला दर्ज किया गया।
भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज हुआ मामला
एक पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि बुधवार रात कोच्चि शहर के मरदु पुलिस थाने में अभिनेता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि यह मामला भारतीय दंड संहिता के तहत इसलिए दर्ज किया गया है, क्योंकि कथित अपराध भारतीय न्याय संहिता के लागू होने से पहले हुआ था।
राजू और जयसूर्या पर इस धारा के तहत एफआईआर
एर्नाकुलम के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि राजू के खिलाफ फोर्ट कोच्चि पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, तिरुवनंतपुरम में छावनी पुलिस ने पुष्टि की है कि जयसूर्या के खिलाफ इसी धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता कुछ फिल्मों में काम कर चुकी हैं। उसने जयसूर्या और मनियानपिल्ला राजू के साथ ही छोटे-मोटे अभिनेता इदावेला बाबू के खिलाफ भी यौन शोषण के आरोप लगाए हैं।
पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप
फेसबुक पोस्ट में महिला अभिनेत्री ने कहा था, 'मैं मलयालम फिल्म उद्योग में मुकेश, मनियानपिल्ला राजू, इदावेला बाबू, जयसूर्या, एडव चंद्रशेखरन, प्रोडक्शन कंट्रोलर नोबल और विचू के हाथों शारीरिक और मौखिक दुर्व्यवहार की घटनाओं की रिपोर्ट करने के लिए लिख रही हूं। 2013 में एक प्रोजेक्ट पर काम करते समय इन व्यक्तियों ने मेरा उत्पीड़न किया।'
‘हाई प्रोफाइल’ हस्ती के खिलाफ तीसरी प्राथमिकी
न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट में किए गए खुलासों के बाद मलयालम फिल्म जगत की किसी हाई प्रोफाइल हस्ती के खिलाफ यह तीसरी प्राथमिकी है। इससे पहले तिरुवनंतपुरम ‘म्यूजियम पुलिस’ ने आठ साल पहले एक होटल में एक अभिनेत्री से दुष्कर्म के आरोप में अभिनेता सिद्दीकी के खिलाफ बुधवार को मामला दर्ज किया था। पहला मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला करना या आपराधिक बल प्रयोग) के तहत निर्देशक रंजीत के खिलाफ पश्चिम बंगाल की एक अभिनेत्री की शिकायत पर दर्ज किया गया था। यह शिकायत 2009 की एक घटना को लेकर की गई। इन आरोपों को लेकर रंजीत ने केरल चलचित्र अकादमी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। सिद्दीकी ने भी अपने खिलाफ लगे आरोपों के बाद मलयालम मूवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (एएमएमए) के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था।
जस्टिस हिमा समिति की रिपोर्ट से आया भूचाल
मलयालम फिल्म उद्योग के कुछ शीर्ष लोगों के खिलाफ आरोपों की बाढ़ पिछले सप्ताह न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद शुरू हुई है। 235 पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि मलयालम फिल्म उद्योग पर 10-15 पुरुष निर्माता, निर्देशक और अभिनेताओं का नियंत्रण है। तीन सदस्यीय न्यायमूर्ति हेमा समिति का गठन राज्य सरकार ने साल 2017 में किया था और इसने 2019 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। रिपोर्ट को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया था क्योंकि इसे जारी करने पर कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था।