आम आदमी पार्टी से बर्खास्त किए जा चुके दिल्ली की पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने सीएम अरविंद केजरीवाल पर नए आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के केजरीवाल ने कालेधन को सफेद करने के लिए नोटबंदी का विरोध किया था।
ये भी पढ़ें- फिर केजरीवाल पर फूटा कपिल बम, बोले-ऐसे चुप जैसे मुंह में दही जमा हो
कपिल ने कहा 'नोटबंदी के दौरान केजरीवाल ने आखिर क्यों पूरे देश का केंद्र सरकार के इस निर्णय का विरोध किया। क्योंकि उन्हें डर था कि उनका इक्ठ्ठा किया काले धन पर प्रवर्तन निदेशालयों का छापा न पड़ जाए।'
उन्होंने पार्टी को मिल रहे चंदे पर भी सवाल खड़े किए। आरोप लगाया कि पार्टी ने उन कंपनियों से कैसे चंदा इकट्ठा कर लिया जिन्होंने वैट अदा नहीं किया था।
पार्टी पर फर्जी कंपनियों से दो करोड़ रुपये चंदा लेने के मामले में उन्होंने कहा कि केजरीवाल जानबूझकर सच छुपाने के लिए मुकेश शर्मा को लेकर आए। कपिल मिश्रा ने कहा कि हेमराज को छुपाने के लिए मुकेश शर्मा को सामने लाया गया है।
उन्होंने संदेह जाहिर करते हुए कहा कि '2013 में आम आदमी पार्टी ने ऑफिस संभालने से 10 दिन पहले दिल्ली सरकार की ओर से मुकेश कुमार की कंपनी को वैट का भुगतान न करने के लिए नोटिस जारी किया था और फिर वह पार्टी को 2 करोड़ रुपए का चंदा देते हैं।'