देश की सीमा पर शहीद होने वाले दिल्ली के हर जवान के परिजनों को केजरीवाल सरकार एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देगी। इसके साथ ही वह शहीदों के परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी देगी। दिल्ली सरकार का यह फैसला हर उस जवान के लिए लागू होगा जो दिल्ली का निवासी होगा। इस योजना का लाभ सेनाओं के तीनों अंगों, अर्ध सैनिक बलों और दिल्ली पुलिस के जवानों को मिलेगी। आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसकी घोषणा की।
सीएम केजरीवाल ने कैबिनेट में लिए गए इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि वे पहले ही दिल्ली पुलिस के शहीद जवानों के लिए एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने की योजना शुरू कर चुके थे, लेकिन एलजी और मुख्य सचिव की नकारात्मक भूमिका की वजह से इस योजना का लाभ दिल्ली पुलिस के जवानों को नहीं मिल पा रहा था।
लेकिन अब उन्होंने एक बार फिर इस योजना को चालू करने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद अब कोई भी इस योजना में बाधा नहीं पैदा कर पायेगा और इससे सम्बंधित किसी मंजूरी के लिए एलजी की सहमति जरूरी नहीं है।
कमेटी करेगी अंतिम निर्णय
केजरीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में तीन मन्त्रियों की एक कमेटी बनेगी जो शहीदों के विषय और सहायता राशि पर अंतिम निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि उन्हें इसका दुख है कि पिछले कई वर्षों से वे इस योजना का लाभ लोगों को नहीं दे पा रहे थे। अगर दिल्ली को पूर्ण राज्य का अधिकार प्राप्त होता तो ऐसा नहीं होता।
केंद्र भी दे ऐसी ही सहायता
केजरीवाल ने कहा कि सैनिक हमारे लिए अपनी जान गंवा देते हैं। ऐसे में देश का भी फर्ज बनता है कि वो शहीदों के परिवार का खयाल रखें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से भी वह अपील करेंगे कि वह भी देश के सभी शहीदों के लिए इसी तरह वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा करे।