गांववालों का कहना है कि पहले उस गधे के साथ एक गधी रहती थी, तब उसका व्यवहार बिल्कुल सामान्य था, लेकिन बाद में वो कहीं चली गई, जिसके बाद से उसका व्यवहार बदल गया और वह आक्रामक हो गया। इसके अलावा इसी साल जुलाई महीने में एक तेंदुए ने भी गधे को मार दिया था, उसके बाद तो वो और भी ज्यादा हिंसक हो गया था।
गधे की इन्हीं सभी हरकतों से परेशान होकर गांववालों ने उसकी शादी कराने का फैसला किया। अब सबसे बड़ी दिक्कत थी गधे के लिए एक सुशील दुल्हन (गधी) ढूंढने की। गांववालों ने इसके लिए चंदे के रूप में पैसे भी इकट्ठा कर लिए थे।
उनकी यह तलाश एक दूसरे गांव चमराजनगर में तब खत्म हो गई जब एक गधी का मालिक उन्हें गधी देने को तैयार हो गया। गांववालों की पूरी व्यथा और गधे के हिंसक स्वभाव को जानकर गधी के मालिक ने उन्हें अपनी गधी मुफ्त में दे दी।
इसके बाद गांववालों ने इकट्ठा किए गए उन पैसों से शादी समारोह का आयोजन किया और गधा-गधी के लिए नये कपड़े खरीदे और पुजारी को बुलवाकर दोनों की शादी करा दी।