कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोक दी है। इस बीच, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि राज्य के चुनाव में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। साथ ही उन्होंने मुस्लिम आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया है।
शनिवार को एक निजी समाचार चैनल के साथ बातचीत में अमित शाह ने कर्नाटक में सत्ता में वापसी का भरोसा जताया। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई योजनाओं और पहलों से आम आदमी को फायदा हुआ है। कर्नाटक के एक करोड़ लोगों का मानना है कि भाजपा उनके लिए काम कर रही है।
मुस्लिम आरक्षण 'विशेष कृपा' थी
कार्यक्रम में अमित शाह ने राज्य में मुस्लिम समुदाय को दिए गए आरक्षण पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गैरसंवैधानिक रूप से राज्य में मुसलमानों को चार प्रतिशत आरक्षण दिया था। भारत का संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता है।
उन्होंने कहा कि इसलिए कर्नाटक भाजपा सरकार ने इसे समाप्त कर दिया। उसकी जगह राज्य की भाजपा सरकार ने ओबीसी आरक्षण के लिए काम किया।' शाह ने कहा, 'राज्य में भाजपा सरकार ने राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से दी जाने वाली विशेष कृपाओं को समाप्त कर दिया और संविधान को दुरुस्त कर दिया।’
भ्रष्टाचार के आरोपों पर कही ये बात
इस दौरान शाह ने राज्य में 40 प्रतिशत कमीशन के आरोपों के बारे में भी बात की और कहा कि संवैधानिक व्यवस्था में आरोप साबित नहीं हो सके क्योंकि इसमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा, 'प्राथमिकी और शिकायतें दर्ज की गई हैं। हालांकि, आरोप कभी साबित नहीं हो सके। यह कांग्रेस पार्टी द्वारा किए गए भ्रष्टाचार का दोष हम पर डालने की एक कोशिश थी।' उन्होंने कहा, 'चुनाव आने दीजिए... दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा...।'
केंद्रीय मंत्री ने कर्नाटक में गुजरात मॉडल को लागू करने की खबरों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि भाजपा परिवर्तन और विकास के मॉडल में विश्वास करती है। कुछ बदलाव पीढ़ी-आधारित हैं, जबकि अन्य स्थिति को देखकर होते हैं। अन्य राज्यों की तुलना में कर्नाटक में कम बदलाव हुए हैं।