कर्नाटक के कांग्रेस में सत्ता की खींचतान के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया एक बार फिर दोहराया कि वह तब तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे जब तक कांग्रेस हाई कमान चाहेगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को पांच साल तक शासन करने का जनादेश मिला है और 2028 के विधानसभा चुनावों के बाद भी वह सत्ता में वापस आएगी। सिद्धारमैया ने विधानसभा में कहा, 'मैं यह बहुत साफ कह रहा हूं। हमारे पास हाई कमान है। हम उनके फैसले का पालन करते हैं। हाई कमान जो भी कहेगी, वही अंतिम होगा।'
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प्रश्नकाल के दौरान नेतृत्व खींचतान का उठा मुद्दा
मामले में विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान नेतृत्व का मुद्दा उठा। इस बीच कुनिगल से कांग्रेस विधायक एचडी रंगनाथ ने आरोप लगाया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के किसानों को जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (डीसीसी बैंक) से शॉर्ट-टर्म लोन नहीं मिल रहा है, जबकि पड़ोसी मधुगिरी निर्वाचन क्षेत्र के किसानों को 100 करोड़ रुपये के शॉर्ट-टर्म लोन मिले हैं। रंगनाथ, जो उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के वफादार हैं और उन्हें अगला मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के किसानों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। बता दें कि केएन राजन्ना, जिन्हें सिद्धारमैया का वफादार माना जाता है, मधुगिरी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। मामले में रंगनाथ का जवाब देते हुए, सिद्धारमैया ने उन्हें आश्वासन दिया कि अगर कोई भेदभाव हुआ है तो वह उसे ठीक करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, 'उम्मीद है कि रंगनाथ मुझ पर भरोसा करेंगे।'
भाजपा के तंज पर सीएम ने किया पलटवार
इस पर विधानसभा में भाजपा के नेता आर अशोक ने तंज कसते हुए कहा कि लगता है यह भेदभाव जानबूझकर किया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा, 'आग में घी मत डालो। विपक्ष का काम ही आग में घी डालना है।' मुख्यमंत्री के पलटवार पर अशोक ने जवाब दिया, 'इसका मतलब है कि आग लगी हुई है। रंगनाथ डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए पूजा-पाठ कर रहे हैं।' अशोक ने यह भी कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि विपक्ष आग में घी डाल रहा है। चिंता की बात यह है कि सत्ताधारी कांग्रेस के विधायक अशांति फैलाने में शामिल हैं।
मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के बीच जुबानी जंग
इस पर सिद्धारमैया ने अशोक पर भड़कते हुए कहा कि जब सत्ताधारी विधायक चुप हैं तो उन्हें भी चुप रहना चाहिए। इस पर अशोक ने कहा, 'वे चुप नहीं हैं सर। वे हर दिन पूजा-पाठ कर रहे हैं। वे शिवकुमार को मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं। मैं यह हर दिन अखबारों में पढ़ रहा हूं।' इस पर सिद्धारमैया ने कहा, 'अगर आप भड़काने की कोशिश भी करेंगे, तो भी हमारी तरफ से कोई रिएक्ट नहीं करेगा। सभी 140 विधायक एक साथ खड़े हैं।'
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'मैं' और 'हम' को लेकर सीएम से विपक्ष का सवाल
इसी बातचीत के दौरान विपक्ष के नेता ने जानना चाहा कि क्या वह पूरे पांच साल तक सीएम बने रहेंगे। इसके जवाब में सिद्धारमैया ने कहा, 'आप मुझसे यह सवाल क्यों पूछ रहे हैं। लोगों ने हमें पांच साल तक शासन करने का जनादेश दिया है।' इस पर भाजपा विधायक ने एस सुरेश कुमार ने कहा, 'सिद्धारमैया कहते रहे हैं कि 'मैं पांच साल तक मुख्यमंत्री रहूंगा', लेकिन अब वह कह रहे हैं 'हम पांच साल तक शासन करेंगे'। 'मैं' शब्द से 'हम' शब्द में बदलाव आया है।' इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, 'हम सरकार चला रहे हैं। यह हमेशा बहुवचन (सामूहिक) था। यह कभी भी व्यक्तिगत मामला नहीं था। मैं अब तक सीएम हूं और जब तक हाई कमान चाहेगा, इस पद पर रहूंगा।'
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