कर्नाटक के मैसूर शहर में सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता ने पुलिस को अपना बयान दिए बिना ही परिवार के साथ शहर छोड़ दिया। छात्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली थी जो यहां मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी।
जांचकर्ताओं के मुताबिक लड़की ने अपना कोई बयान दर्ज नहीं कराया है। हालांकि पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता का बयान दर्ज न होने के कारण आरोपियों के खिलाफ मामला कमजोर होने की संभावना है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने कहा कि लड़की काफी घबराई हुई थी, वह अपना बयान दर्ज कराने को तैयार नहीं थी। बता दें कि 24 अगस्त को मैसूर शहर के बाहरी इलाके में चामुंडी हिल के पास कुछ लोगों ने 23 वर्षीय लड़की और उसके दोस्त को पकड़ लिया। उन्होंने लड़के को पीटा और लड़की के साथ दुष्कर्म को अंजाम दिया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी पड़ोसी राज्य तमिलनाडु से पकड़ा गया जबकि एक छठा आरोपी फरार है। पीड़िता के दोस्त द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तारियां की गई हैं। पुलिस ने मौके का मुआयना भी किया।
अपराध स्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को तमिलनाडु के तलवाड़ी से कर्नाटक के चामराजनगर के लिए बस के टिकट मिले। घटनास्थल पर मिली शराब की कुछ बोतलों पर तमिलनाडु आबकारी विभाग की मुहर भी लगी थी। इसके अलावा अपराध स्थल, चामराजनगर और तमिलनाडु के पास के मोबाइल टावरों से कॉल डिटेल खंगाली तो संदिग्धों का पता चला।
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी मजदूरी या अन्य नौकरियों के लिए मैसूर आते थे, यहां एपीएमसी यार्ड में लोडिंग और अनलोडिंग का काम भी करते थे। ये अपने मूल स्थान पर लौटने से पहले अकेले यात्रियों, युवा जोड़ों और महिलाओं को लूटा करते थे।