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कर्नाटक: ठेकेदार की कथित आत्महत्या मामले में घिरे मंत्री केएस ईश्वरप्पा बैकफुट पर, आज देंगे इस्तीफा

Fri, 15 Apr 2022 04:05 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु

सार

इससे पहले राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री केएस ईश्वरप्पा के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया था। मंत्री के खिलाफ मृतक के भाई प्रशांत पाटिल ने एफआईआर दर्ज कराई थी। 
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कर्नाटक के मंत्री ईश्वरप्पा - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक में ठेकेदार संतोष पाटिल की खुदकुशी को लेकर विवादों में आए कर्नाटक के ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने गुरुवार को इस्तीफा देने का एलान किया। ठेकेदार ने जान देने से पहले जारी एक वीडियो में मंत्री ईश्वरप्पा और उनके करीबी सहयोगियों पर ठेके पाने और बिलों के भुगतान के लिए मोटा कमीशन दिए जाने का दबाव डालने का आरोप लगाया था। समझा जाता है कि भाजपा हाईकमान ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ईश्वरप्पा को इस्तीफा देने का निर्देश दिया था।

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ईश्वरप्पा ने पत्रकारों से कहा, आरोप लगने के बाद मैंने तय किया है कि मंत्री पद से इस्तीफा दूंगा। इस्तीफा शुक्रवार को सीएम बासवराज बोम्मई को सौंपूंगा। सहयोग के लिए मैं आप सभी का शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने कहा, मैं नहीं चाहता कि मुझे इस पद तक पहुंचाने वालों को मेरे कारण किसी कठिनाई का सामना करना पड़े, इसी वजह से इस्तीफा दे रहा हूं। इससे पहले खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए उन्होंने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। 

इससे पहले कांग्रेस नेता डी.के.शिवकुमार और सिद्धारमैया समेत पार्टी के अन्य नेता ने विधान सौधा के सामने ठेकेदार संतोष पाटिल की मौत के मामले में मंत्री केएस ईश्वरप्पा के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।
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उडुपी पुलिस के मुताबिक, इस मामले में ईश्वरप्पा को पहला आरोपी बनाया गया है। मंत्री और उनके सहयोगियों रमेश और बसवराज के खिलाफ मृतक के भाई प्रशांत पाटिल ने एफआईआर दर्ज कराई थी। 

गौरतलब है कि ठेकेदार संतोष पाटिल ने हाल ही में कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री केएस ईश्वरप्पा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। पाटिल ने आरोप लगाया था कि मंत्री ने काम के बदले 40 प्रतिशत कमीशन देने की मांग की थी। इसके संबंध ने संतोष पाटिल ने प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री शाह और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को पत्र लिखकर मंत्री की शिकायत भी की थी।

केंद्रीय मंत्री ने विरोधियों को घेरा
इस बीच केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि किरण मजूमदार शॉ कई मुद्दों पर ट्वीट कर चुकी हैं और गलत साबित हुई हैं। बेंगलुरु में ऐसा कोई मुद्दा नहीं है जो सरकार की पहुंच से बाहर हो। सीएम ने कहा है कि कानून का उल्लंघन करने वालों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। बेंगलुरु एक महानगरीय शहर है। 

उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कोई सांप्रदायिक मुद्दा नहीं है, कुछ तत्व हैं जो कुछ परेशानी पैदा करने की कोशिश करते हैं। चुनाव से पहले कांग्रेस जैसी पार्टियों ने ये आख्यान रचे हैं, अपनी राजनीतिक अप्रासंगिकता से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे मुद्दों को घसीटते रहते हैं।

भाजपा हाईकमान के निर्देश पर छोड़ना पड़ा पद
विपक्ष के तीखे हमलों से घिरे ईश्वरप्पा को पद छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। ईश्वरप्पा की ओर से यह एलान, कर्नाटक के सीएम बासवराज बोम्मई की ओर से फिलहाल मंत्री के सरकार में बने रहने के बयान के कुछ घंटों बाद आया है। 

सीएम ने एक टीवी चैनल से कहा था कि प्रारंभिक जांच शुरू होने दीजिए। इस जांच के परिणाम के आधार पर हम आगे की कार्रवाई तय करेंगे। सूत्रों ने बताया कि भाजपा हाईकमान की ओर से राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि पार्टी की छवि को बचाए रखने के लिए ईश्वरप्पा को इस्तीफा देना होगा। मंत्री को भाजपा की कर्नाटक राज्य कार्यसमिति की शुक्रवार को होने जा रही बैठक से पहले इस्तीफा देने के लिए कहा गया था।

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