पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पार्टी जेडी(एस) विभाजन के खतरे का सामना कर रही है। भाजपा का दामन थाम चुकी जेडीएस 28 विपक्षी दलों के गठबंधन के साथ जुड़ने से इनकार कर चुकी है। हालांकि, कर्नाटक में जेडीएस प्रमुख इब्राहिम ने कहा है कि वे देवेगौड़ा के फैसले से सहमत नहीं है। कर्नाटक के जेडीएस प्रमुख इब्राहिम ने जेडी (एस) सुप्रीमो देवेगौड़ा के एनडीए में शामिल होने के फैसले को खारिज कर दिया है।
भाजपा के साथ जनता दल (एस) के गठबंधन के फैसले को खारिज कर सीएम इब्राहिम ने कहा, उनका गुट धर्मनिरपेक्ष होने के कारण मूल जद (एस) है। प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते वह कर्नाटक में संगठन के बारे में निर्णय ले सकते हैं। पार्टी सुप्रीमो एच डी देवेगौड़ा के फैसले को खारिज कर, इब्राहिम ने सोमवार को कहा कि जेडीएस भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल नहीं होगी।
जेडीएस-एनडीए के गठबंधन को सहमति नहीं
पार्टी में संभावित विभाजन का संकेत देते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री इब्राहिम ने कहा, जेडीएस सुप्रीमो देवेगौड़ा को बीजेपी के साथ गठबंधन पर अपनी सहमति नहीं देनी चाहिए। पड़ोसी राज्यों में कई लोगों ने पार्टी छोड़ दी है। इब्राहिम ने पार्टी के कुछ नेताओं के साथ बैठक के बाद कहा, हमारा पहला फैसला है कि जेडी (एस) एनडीए के साथ नहीं जाएगी। दूसरा फैसला देवेगौड़ा से अनुरोध था कि उन्हें जेडीएस और एनडीए के गठबंधन को सहमति नहीं देनी चाहिए।"
जेडीएस सुप्रीमो देवेगौड़ा से अपील
उन्होंने भाजपा-जद(एस) समझौते के बाद केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में जद(एस) नेताओं के पार्टी छोड़ने की घटनाओं का जिक्र कर पूर्व पीएम देवेगौड़ा से कहा, कर्नाटक में हमें अभी भी आपके प्रति स्नेह है। इब्राहिम के अनुसार, देवेगौड़ा पिता तुल्य हैं। हम उनसे (गौड़ा) कहेंगे कि हमें भाजपा के साथ कोई संबंध नहीं रखना चाहिए।"
क्या दो फाड़ हुई जेडीएस?
इब्राहिम ने कहा कि वह एक कोर कमेटी का गठन करेंगे, जो देवेगौड़ा से मुलाकात करेगी और आज की बैठक में लिए गए फैसले से अवगत कराएगी। बता दें कि केंद्र में एचडी देवेगौड़ा के नेतृत्व वाली सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री रह चुके इब्राहिम ने अपने गुट को असली जद (एस) बताया है। उन्होंने दावा किया, उनका गुट धर्मनिरपेक्ष है।
बतौर प्रदेश अध्यक्ष गठबंधन का फैसला करेंगे
यह पूछे जाने पर कि अगर गौड़ा और उनके बेटे एचडी कुमारस्वामी उनके फैसले से सहमत नहीं हैं तो भविष्य में क्या कदम उठाया जाएगा? इस पर इब्राहिम ने कहा, मैं प्रदेश अध्यक्ष हूं। मुझे राज्य में अपनी पार्टी के बारे में फैसला करना है, जो मैं करूंगा। फैसला पहले ही ले लूंगा। हमने तय किया है कि हम बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे।
जेडीएस विधायकों के रूख का इंतजार करना होगा
उन्होंने कहा, "अगर देवेगौड़ा और कुमारस्वामी ने बीजेपी के साथ जाने का फैसला किया है तो उन्हें जाने दें। हम उनसे (गौड़ा और कुमारस्वामी) नहीं जाने के लिए कह रहे हैं। अगर वे जाते हैं तो हम उन्हें बाध्य नहीं कर सकते। इब्राहिम के अनुसार, जेडीएस विधायकों के संबंध में इंतजार करना होगा। विधायक क्या फैसला लेंगे, ये आने वाले समय में पता लगेगा।
विधायकों के साथ निजी बैठक करेंगे
इब्राहिम ने दावा किया कि कई विधायक उनके संपर्क में हैं। हालांकि, उन्होंने नाम बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "अगर मैं उनके (विधायकों के) नामों का खुलासा करूंगा तो इससे दबाव बनेगा। मैं विधायकों के साथ निजी तौर पर बैठक करूंगा।"
भाजपा के साथ जाने का फैसला
बता दें कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी जद (एस) में दूसरे नंबर के नेता माने जाते हैं। उन्होंने 22 सितंबर को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद एनडीए का हिस्सा बनने का फैसला लिया था।