कर्नाटक हाईकोर्ट ने शिवकुमार के खिलाफ दायर सीबीआई की याचिका खारिज कर दी
कर्नाटक हाईकोर्ट ने डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार आय से अधिक संपत्ति (डीए) की जांच के लिए दी गई सहमति वापस लेने के कांग्रेस सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति के सोमशेखर और न्यायमूर्ति उमेश एम अडिगा की खंडपीठ ने कहा कि याचिका में उठाए गए मुद्दों को सुप्रीम कोर्ट को संबोधित करना चाहिए। पीठ ने 12 अगस्त को इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि शिवकुमार ने 2013 और 2018 के बीच अपनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। वह इस दौरान कांग्रेस सरकार में मंत्री थे। राज्य की पूर्व भाजपा सरकार ने शिवकुमार के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सीबीआई को मंजूरी दी थी। इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और आय से अधिक संपत्ति के आरोप में जांच की गई।
मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कर्नाटक मंत्रिमंडल ने 23 नवंबर को माना कि शिवकुमार के खिलाफ मामले की जांच के लिए सीबीआई को सहमति देने का पिछली भाजपा सरकार का कदम कानून के अनुरूप नहीं था और मंजूरी वापस लेने का फैसला किया। शिवकुमार ने कहा कि पता था कि मुझे न्याय मिलेगा क्योंकि मैनें कभी कुछ गलत नहीं किया। मेरे खिलाफ मामले उनकी मृत्यु तक जारी रहेंगे क्योंकि विरोधी उनकी वृद्धि को पचा नहीं पा रहे हैं।