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Karnataka: पहली बार 'वोट फ्रॉम होम' से लेकर 24 करोड़ की स्याही से वोटिंग तक, कर्नाटक चुनाव की खास बातें?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 29 Apr 2023 06:02 PM IST

सार

इस बार के कर्नाटक चुनाव में बुजुर्ग और दिव्यांग वोटरों के लिए घर से वोट डालने के लिए 'वोट फ्रॉम होम' व्यवस्था शुरू की गई है। यह मतदान पद्धति केवल उन लोगों पर लागू होती है जो या तो अपने घरों तक ही सीमित हैं या उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं। 
 
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कर्नाटक चुनाव 2023 - फोटो : SOCIAL MEDIA
कर्नाटक विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ती जा रही है। सभी पार्टियों के नेता इन अंतिम दिनों में जमकर प्रचार कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने भी 10 मई को होने वाले चुनाव की तैयारियां कर ली हैं। इस चुनाव में कई खास चीजें होंगी। जैसे- बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से वोट डालने के लिए एक नई पहल 'वोट फ्रॉम होम' की सुविधा होगी। करीब एक लाख वोटरों ने इस विकल्प का चुनाव किया है।
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कर्नाटक चुनाव 2023 - फोटो : SOCIAL MEDIA
कर्नाटक विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ती जा रही है। सभी पार्टियों के नेता इन अंतिम दिनों में जमकर प्रचार कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने भी 10 मई को होने वाले चुनाव की तैयारियां कर ली हैं। इस चुनाव में कई खास चीजें होंगी। जैसे- बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से वोट डालने के लिए एक नई पहल 'वोट फ्रॉम होम' की सुविधा होगी। करीब एक लाख वोटरों ने इस विकल्प का चुनाव किया है।

कर्नाटक चुनाव 2023 - फोटो : SOCIAL MEDIA
क्या है 'वोट फ्रॉम होम' व्यवस्था? 
हर चुनाव में निर्वाचन आयोग कुछ नए प्रयोग करता है और उन्हें लागू भी करता है। ऐसा ही कुछ नया इस बार के कर्नाटक चुनाव में भी देखने को मिलेगा। इस बार बुजुर्ग और दिव्यांग वोटरों के लिए घर से वोट डालने के लिए 'वोट फ्रॉम होम' व्यवस्था शुरू की गई है। यह मतदान पद्धति केवल उन लोगों पर लागू होती है जो या तो अपने घरों तक ही सीमित हैं या उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं। 

इस नई मतदान व्यवस्था का राज्य में लगभग 5.71 लाख दिव्यांगों और 80 वर्ष से अधिक आयु के 12,15,763 बुजुर्ग वोटरों को फायदा मिलेगा। कर्नाटक चुनाव आयोग के आयुक्त मनोज कुमार मीणा के मुताबिक, कुल 99,529 लोगों ने वोट फ्रॉम होम विकल्प को चुना है, जिसमें 80 वर्ष से अधिक आयु के 80,250 वरिष्ठ नागरिक और 19,729 दिव्यांग मतदाता शामिल हैं।

राज्य के विभिन्न जिलों में बुजुर्ग नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं की संख्या अलग-अलग है। बेंगलुरु के महानगरीय क्षेत्र में कुल 9,152 वरिष्ठ नागरिक और 119 दिव्यांग मतदाता हैं, जबकि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में केवल सात बुजुर्ग नागरिक हैं, जो घर से अपने मत डालेंगे। तुमकुरु जिले में सिरा निर्वाचन क्षेत्र में ऐसे मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है, जिसमें 2,000 से अधिक लोग घर से मतदान करने के पात्र हैं।

कर्नाटक चुनाव 2023 - फोटो : SOCIAL MEDIA
'वोट फ्रॉम होम' व्यवस्था कैसे काम करेगी?
ऐसे मतदान की प्रक्रिया 29 अप्रैल से शुरू होकर 6 मई तक चलेगी। इस दौरान दो मतदान अधिकारियों, एक पुलिसकर्मी और एक वीडियोग्राफर सहित पांच सदस्यों की एक टीम के साथ प्रत्येक पात्र मतदाता के घर जाएंगे।

टीम मतदाता पहचान पत्र की जांच करेगी, एक घोषणापत्र लेगी और उसके बाद एक मतपत्र दिया जाएगा। मतदाता को अपना मत एक गुप्त डिब्बे में डालना होगा और उसे एक लिफाफे में डालना होगा। यदि दौरे के वक्त मतदाता उपलब्ध नहीं होता है, तो टीम दोबारा घर जाएगी। यदि मतदाता दूसरे दौरे के दौरान उपलब्ध नहीं होता है, तो वह मतदान करने का मौका खो देगा।

वोटिंग - फोटो : Social Media
24 करोड़ रुपए की 1,500 लीटर स्याही से होगा कर्नाटक चुनाव 
इस बीच, चुनाव आयोग ने कर्नाटक विधनसभा चुनाव के लिए 24 करोड़ रुपए में 1,500 लीटर स्याही का ऑर्डर दिया है। यह ऑर्डर मैसूर पेंट्स एंड वार्निश लिमिटेड (एमपीवीएल) को दिया गया है जो स्याही का उत्पादन करने वाली देश की एकलौती कंपनी है। एमपीवीएल हर चुनाव के लिए चुनाव आयोग को इंक की आपूर्ति करती है।

एमपीवीएल के जनरल मैनेजर सी. हर कुमार ने बताया कि उनकी कंपनी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 10 एमएल की 150,000 स्याही की बोतलों का ऑर्डर पूरा कर लिया है। इसे चुनाव आयोग को भेज दिया गया है। 
कुमार ने कहा कि उन्हें स्याही तैयार करने और भेजने में कम से कम एक महीने का समय लगता है। हमें आमतौर पर चुनाव से दो महीने पहले ऑर्डर मिलते हैं और जरूरत पड़ने पर उसी हिसाब से हम शिफ्ट में काम करते हैं।उन्होंने कहा कि आठ घंटे की शिफ्ट में 100 कर्मचारियों के साथ कंपनी 10 मिलीलीटर स्याही की 25,000 बोतलें बनाती है। कंपनी के मुताबिक, 2017 में स्याही की दर 126 रुपये प्रति 10 एमएल बोतल थी 2021 इसमें बदलाव कर 160 रुपये प्रति 10 एमएल बोतल कर दिया गया।

कर्नाटक चुनाव - फोटो : AMAR UJALA
क्या है कर्नाटक विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम?
कर्नाटक में 13 अप्रैल को अधिसूचना जारी होने के साथ ही चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। प्रत्याशियों ने 20 अप्रैल तक नामांकन दाखिल किया। 21 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच की गई। वहीं, 24 अप्रैल तक नाम वापस लिए गए। 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए राज्य में 10 मई को मतदान होगा। वहीं, 13 मई को राज्य के चुनावी नतीजे आएंगे।
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