बंगलूरू ग्रामीण जिले के एक निजी अस्पताल के परिसर में रखे कूड़ेदान में एक कन्या भ्रूण पाया गया है। इसके बाद अस्पताल को सील कर दिया गया। इसके अलावा अस्पताल के चार कर्मचारियों को हिरासत में भी लिया गया है। जिले के होसकोटे तालुक के तिरुमालाशेट्टीहल्ली स्थित अस्पताल में हुई घटना के बाद पुलिस ने चिकित्सक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वही अस्पताल का मालिक भी है।
हिरासत में लिए गए लोगों में महिला नर्सें भी शामिल
पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों में महिला नर्सें भी शामिल हैं, जिनका नाम प्राथमिकी में है। इससे पहले स्वास्थ्य अधिकारियों की एक टीम बुधवार को नियमित निरीक्षण पर थी। तभी उन्हें कन्या भ्रूण मिला। निरीक्षण के दौरान उन्हें ऑपरेशन थियेटर में एक महिला भी लेटी हुई भी मिली। इसके बाद उन्हें शक हुआ कि कूड़ेदान में फेंका गया भ्रूण उसी का है।
कन्या भ्रूण हत्या का मामला दर्ज
हालांकि, अधिकारी ने कहा कि जांच जारी है और अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि फेंका गया भ्रूण उसका था या किसी और का। पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई है। पुलिस ने अस्पताल को सील कर दिया है। राज्य के स्वास्थ्य आयुक्त रणदीप डी ने कहा कि यह कर्नाटक में अवैध गर्भपात के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या का पहला मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य अधिकारियों के निरीक्षण, सबूतों और उचित रिकॉर्ड नहीं होने के कारण अस्पताल को सील कर दिया गया।
रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया था
दरअसल, इस महीने की शुरुआत में कर्नाटक में लिंग निर्धारण और कन्या भ्रूण हत्या रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया था। इसके बाद कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को ऐसे अस्पतालों को सील करने के लिए कहा था। बेंगलुरु, मांड्या और मैसूरु जिलों में उजागर हुए घोटाले के सिलसिले में कई गिरफ्तारियां की गई हैं।