थाने में अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने आई महिला के साथ कर्नाटक पुलिस द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है। घटना 19 जनवरी को कुमारस्वामी के लयआउट पुलिस स्टेशन की है जहां महिला कथित तौर पर अपनी लापता बेटी के बारे में पुलिस को शिकायत करने के लिए आई थी।
पुलिस के मुताबिक, एक महिला ने इलाके में हो रहे झगड़े को लेकर पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया था। जब पुलिस पहुंची, तो महिला ने कहा कि उसे उसके रिश्तेदारों द्वारा जबरन ले जाया जा रहा है। उसे बचाया गया और स्टेशन पर लाया गया। फिर रिश्तेदारों ने उसे जबरन ले जाने की कोशिश की, यहां तक कि आत्महत्या करने की धमकी भी दी।
कर्नाटक में विपक्ष में बैठी भाजपा ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें तीन महिलाएं एक बच्चे के साथ पुलिसवालों के साथ बहस करती हुई दिखाई दे रही हैं। शुरू में, एक महिला अधिकारी उनका जवाब देती है और फिर एक पुरुष अधिकारी उन्हें बताता है कि बेटी उनके साथ जाने के लिए तैयार नहीं है।
बुजुर्ग महिला बेटी को ले जाने के लिए जोर देती है तो सहायक उप निरीक्षक रेणुकाया गर्दन से पकड़कर महिला को खींचता है। महिला को थाने के बाहर धक्का देते हुए उसकी पिटाई करने लगता है। जब एक छोटी लड़की उसके बर्ताव पर सवाल करती है तो वो उसे भी पीटने लगता है।
बेंगलुरु साउथ के डीसीपी ने कहा, यह नहीं होना चाहिए था। एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। हम आंध्र प्रदेश में स्थानीय पुलिस के साथ संपर्क करेंगे और यदि आवश्यक हो तो पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। भाजपा जो कर्नाटक में विपक्ष में है, ने घटना का एक वीडियो पोस्ट करते हुए ट्वीट किया, न्याय मांगने के लिए महिला थाने के अंदर गई।
गुंडाराज में ऐसा ही होता है जो लोग नागरिकों की रक्षा करने वाले होते हैं, उन्हें अपमान और मारपीट करते हुए देखा जाता है। सिद्धारमैया जैसे राजनेता अब एच डी कुमारस्वामी सरकार में गुंडागर्दी के लिए एक प्रेरणा हैं।