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कर्नाटक में पोस्टर वार: बेंगलुरु में लगाए टीपू सुल्तान के पोस्टर, कांग्रेस ने सीएम बोम्मई को लेकर कही यह बात

Sun, 14 Aug 2022 06:21 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु

सार

कांग्रेस ने कर्नाटक की बोम्मई सरकार को  भी घेरा। दरअसल, बोम्मई सरकार ने समाचार पत्रों में विज्ञापन दिया। इसमें स्वतंत्रता सेनानियों की सूची दी गई, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का नाम शामिल नहीं किया गया। इस पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई।
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Karnataka - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। इसके तहत कर्नाटक में कांग्रेस भी कई तरह के कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। हालांकि, इस जश्न के बीच प्रदेश में पोस्टर वार शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने राज्य में फ्रीडम मार्च निकालने का एलान किया था।

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इससे पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हडसन सर्किल में शनिवार रात को विभिन्न स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरों वाले पोस्टर लगाए गए थे। इसमें टीपू सुल्तान का पोस्टर भी शामिल था। इन पोस्टर्स को अज्ञात लोगों ने नुकसान पहुंचाया। इसके बाद राज्य कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार ने घटनास्थल का दौरा किया।

उन्होंने कहा कि कोई राज्य में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहा है। वे कांग्रेस के स्वतंत्रता मार्च को पचा नहीं पा रहे हैं।

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इस बीच कांग्रेस ने कर्नाटक की बोम्मई सरकार को  भी घेरा। दरअसल, बोम्मई सरकार ने समाचार पत्रों में विज्ञापन दिया। इसमें स्वतंत्रता सेनानियों की सूची दी गई, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का नाम शामिल नहीं किया गया। इस पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई। कांग्रेस नेता सिद्धरमैया ने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का गुलाम होने का आरोप लगाया।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने सिलसिलेवार ट्वीट किए। उन्होंने सावरकर पर भी हमला बोला। उन्होंने सावरकर पर अपने बचाव के लिए ब्रिटिश अधिकारियों से विनती करने का आरोप लगाया और ब्रिटिश कठपुतली के तौर पर कार्य करने की बात कही। दरअसल, सावरकर को विज्ञापन में शामिल किया गया है।
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उन्होंने कहा कि बोम्मई को यह याद रखना चाहिए कि नेहरू ने लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने इसके लिए कई पत्र और किताबें लिखीं थीं। अंग्रेजों ने उन्हें नौ साल के लिए जेल में डाल दिया था।

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