कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
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कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने अपने चुनावी वादे में घोषित पांचवीं गारंटी लागू कर दी है। इस गारंटी के तहत राज्य के बेरोजगार स्नातकों और डिप्लोमाधारी युवाओं को आर्थिक मदद दी जाएगी। मंगलवार को कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने युवा निधि योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत युवाओं को आर्थिक मदद का आवंटन 12 जनवरी 2024 से शुरू हो जाएगा। बता दें कि 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती भी है।
क्या है कर्नाटक सरकार की युवा निधि योजना
युवा निधि योजना के तहत साल 2022-23 में स्नातक की डिग्री लेने वाले या फिर डिप्लोमाधारी बेरोजगार युवाओं को क्रमशः 3000 और 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। योजना के तहत डिग्री/डिप्लोमा की पढ़ाई पूरी करने के 180 दिन बाद भी बेरोजगार रहने वाले युवाओं को आर्थिक मदद दी जाएगी। योजना के तहत मदद पाने के लिए युवाओं को कम से कम छह साल से कर्नाटक में रहने का सबूत देना होगा। योजना के तहत रिजल्ट जारी होने के दो साल तक या फिर इस दौरान नौकरी मिलने तक ही बेरोजगार युवाओं को आर्थिक मदद दी जाएगी। पैसे सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा किए जाएंगे।
इस साल ढाई सौ करोड़ खर्च करेगी सरकार
जो युवा स्व-रोजगार करते हैं और स्व-रोजगार करते हुए उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं, उन्हें युवा निधि योजना से बाहर रखा गया है। कर्नाटक के स्किल डेवलेपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने बताया कि इस साल युवा निधि योजना के तहत 250 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। अगले साल से इस योजना में आवंटन 1250 करोड़ रुपये हो सकता है और इसके बाद इसका बजट 2500 करोड़ तक पहुंच सकता है।
आवेदन होगा मुफ्त
योजना का लाभ उठाने के लिए राज्य के युवाओं को सेवा सिंधु पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। या फिर कर्नाटक वन, बंगलूरू वन, ग्राम वन और बापूजी सेवा केंद्र के जरिए भी योजना के लिए आवेदन किया जा सकता है। योजना के लिए आवेदन करने में कोई पैसे नहीं लगेंगे और यह पूरी तरह से मुफ्त होगा। आवेदन के साथ लाभार्थियों को हाईस्कूल की मार्कशीट, स्नातक की मार्कशीट, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाते का विवरण और आय प्रमाण पत्र समेत कुछ और दस्तावेज जमा करने होंगे।