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Karnataka: 'केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाईं जाए निर्मला सीतारमण', सीएम सिद्धारमैया की पीएम मोदी से अपील

Mon, 29 Jul 2024 10:40 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निर्मला सीतारमण को मंत्रिमंडल से तुरंत हटाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बुनियादी बजटीय ज्ञान के बिना उन्हें वित्त मंत्री के रूप में बनाना बेहद खतरनाक है।
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सीएम सिद्धारमैया की पीएम मोदी से अपील - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस बात पर जोर दिया कि बुनियादी समझ की कमी वाले किसी व्यक्ति को वित्त मंत्रालय सौंपना 'बेहद जोखिम भरा' फैसला है। सिद्धारमैया ने निर्मला सीतारमण की रविवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में बोलते हुए वित्त मंत्री की आलोचना की और कहा कि वे मोदी सरकार की तरफ से कर्नाटक के साथ किए गए अन्याय को छिपाने के लिए बेताब प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि निर्मला सीतारमण के भ्रामक बयानों से आखिरकार यह पता चलता है कि केंद्र सरकार ने कर्नाटक को न्यूनतम सहायता प्रदान की है।
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10 वर्षों में बढ़ा बजट का आकार- सीएम कार्यालय
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, वित्त मंत्री सीतारमण के अनुसार, पिछली यूपीए सरकार (2004-2014) ने कर्नाटक को 60,779 करोड़ रुपये दिए थे, जबकि एनडीए सरकार (2014-2024) ने 2,36,955 करोड़ रुपये दिए। हालांकि, वे यह बताना भूल गईं कि पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार के बजट का आकार कितना बढ़ा है। क्या यह चूक अज्ञानता के कारण है या जनता को गुमराह करने का जानबूझकर किया गया प्रयास है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।

'2013-14 में कर्नाटक को बजट का 1.9% हिस्सा मिला'
उन्होंने बताया कि साल 2013-14 में केंद्र सरकार का बजट 16.06 लाख करोड़ रुपये था। उस समय कर्नाटक को अनुदान के रूप में 16,428 करोड़ रुपये और कर हिस्सेदारी के रूप में 15,005 करोड़ रुपये मिले थे, जो कुल 31,483 करोड़ रुपये थे, जो कुल बजट का 1.9 प्रतिशत था। 2024-25 में केंद्र सरकार का बजट आकार 48.02 लाख करोड़ रुपये है। इस अवधि के दौरान कर्नाटक को अनुदान के रूप में 15,229 करोड़ रुपये और कर हिस्सेदारी के रूप में 44,485 करोड़ रुपये मिलेंगे, जो कुल बजट का 1.2 प्रतिशत है। यदि कर्नाटक को 2013-14 की तरह ही 1.9 प्रतिशत हिस्सा मिलता, तो राज्य को 91,580 करोड़ रुपये मिलते। 
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'कर्नाटक को 31,866 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ'
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के अनुचित व्यवहार के कारण कर्नाटक को 2024-25 के लिए 31,866 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्र सरकार से कर्नाटक के कर हिस्से में वृद्धि का दावा करते हुए भ्रामक बयान दिए हैं। उनके अनुसार, कर्नाटक को यूपीए सरकार के दौरान 81,791 करोड़ रुपये और एनडीए सरकार (2014-2024) के दौरान 2.9 लाख करोड़ रुपये मिले।

15वें वित्त आयोग ने घटाया कर्नाटक के कर का हिस्सा
हालांकि, 14वें वित्त आयोग ने कर्नाटक का कर हिस्सा 4.72 प्रतिशत निर्धारित किया था, जिसे 15वें वित्त आयोग ने घटाकर 3.64 प्रतिशत कर दिया, जिसकी वजह से पिछले पांच वर्षों में अकेले कर हिस्से में 62,098 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ। निर्मला सीतारमण ने इस महत्वपूर्ण कमी को छिपाने का प्रयास किया है। सिद्धारमैया ने कहा कि 2024-25 के लिए सहायता अनुदान अभी भी यूपीए के तहत 2013-14 में प्राप्त अनुदान से कम है। 

'निर्मला सीतारमण ने कर्नाटक के हितों के खिलाफ काम किया'
उन्होंने आगे कहा कि कर्नाटक जीएसटी संग्रह के लिए देश में दूसरे स्थान पर है और 17 प्रतिशत पर जीएसटी वृद्धि के लिए पहले स्थान पर है। इसके बावजूद, राज्य को एकत्रित जीएसटी फंड का केवल 52 प्रतिशत ही प्राप्त होता है। जीएसटी के अवैज्ञानिक कार्यान्वयन के कारण, कर्नाटक को 2017-18 से 2023-24 तक लगभग 59,274 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने आखिरी में कहा कि, पिछले दस वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्षी दलों की तरफ से शासित राज्यों को अनुचित तरीके से कर और अनुदान आवंटित किए हैं। यह विडंबना है कि निर्मला सीतारमण, जो कर्नाटक से राज्यसभा के लिए चुनी गई थीं, ने राज्य के हितों के खिलाफ काम किया है। उनके कार्यों को देखते हुए, उनके पास कर्नाटक की वित्तीय स्थिति के बारे में बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है।
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