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Karnataka: सीएम सिद्धारमैया ने MUDA घोटाले पर विपक्ष के आरोप को किया खारिज, अपनी भूमिका से किया इनकार

Fri, 26 Jul 2024 05:18 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ से कथित जमीन धोखाधड़ी वाले आवंटन के मामले में खुद का बचाव किया। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इसमें न तो उनका और न ही उनके परिवार का कोई हाथ है।
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सीएम सिद्धारमैया ने एमयूडीए घोटाले पर विपक्ष के आरोप को किया खारिज - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक में एमयूडीए घोटाले पर विपक्ष के आरोप को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि इसमें न ही उनका और न ही उनके परिवार के किसी सदस्य का कोई हाथ है। उन्होंने विपक्षी दल भाजपा और जेडी(एस) पर घृणा और बदले की भावना से उनके खिलाफ राजनीतिक से प्रेरित आरोप लगाने का आरोप लगाया। जिसका उद्देश्य उनकी छवि खराब करना है, क्योंकि विपक्षी दल यह पचा नहीं पा रहे हैं कि वह दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं।
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मुदा मामले में राज्यपाल ने मांगी है रिपोर्ट
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने यह भी कहा कि राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने एमयूडीए में कथित अनियमितताओं के बारे में सरकार से एक रिपोर्ट मांगी है और एक रिपोर्ट भेजी जाएगी क्योंकि सब कुछ पूरी तरह से कानूनी है। इस दौरान सिद्धारमैया ने भाजपा-जनता दल (एस) की तरफ से उन पर लगाए गए आरोपों पर पूछा, क्या इसमें मेरी, मेरी पत्नी या मेरे साले की कोई भूमिका है? हमारी जमीन ली गई, जगह बनाई गई और उन्हें दूसरों को आवंटित कर दिया गया। इसलिए मुदा ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए हमें (वैकल्पिक जगह) दूसरों को दी गई जगह दे दी। इसमें क्या अवैधता है?

विपक्ष झूठे प्रचार में लिप्त हैं- सिद्धारमैया
पत्रकारों से बात करते हुए सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि- मेरी भूमिका इसमें बिल्कुल नहीं है। यह पूरी तरह से कानूनी है। भाजपा और जनता दल (एस) राजनीति के लिए झूठे प्रचार में लिप्त हैं और मुझे व्यक्तिगत रूप से बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, वे यह पचा नहीं पा रहे हैं कि मैं दूसरी बार मुख्यमंत्री बना हूं, और वे 2023 के विधानसभा चुनाव हार गए हैं और 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्हें झटका लगा है। 
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सीएम सिद्धारमैया पर क्या है आरोप?
दरअसल आरोप है कि सीएम सिद्धारमैया की पत्नी को मैसूर के एक महंगे इलाके में मुआवजा देने के लिए जगह आवंटित की गई थी, जिसकी संपत्ति का मूल्य उनकी उस जमीन की तुलना में अधिक था जिसे मुदा ने अधिग्रहित किया था। बता दें कि मुदा ने सीएम सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को उनकी 3.16 एकड़ जमीन के बदले 50:50 अनुपात योजना के तहत प्लॉट आवंटित किए थे, जहां मुदा ने आवासीय खाका बनाया था। विवादास्पद योजना में खाका बनाने के लिए अधिग्रहित अविकसित भूमि के बदले में भूमि खोने वाले को 50 प्रतिशत विकसित भूमि आवंटित करने की परिकल्पना की गई है।

विपक्षी नेताओं को भी दी गई जमीन- शहरी विकास मंत्री
इस मामले में शहरी विकास मंत्री बिरथी सुरेश ने कहा कि विपक्षी दलों के कई नेताओं या उनके परिवार के सदस्यों या रिश्तेदारों या दोस्तों या समर्थकों को भी वैकल्पिक स्थल दिए गए हैं, और उनमें केंद्रीय मंत्री और जेडी(एस) के राज्य प्रमुख एचडी कुमारस्वामी, भाजपा एमएलसी मंजे गौड़ा, जेडी(एस) विधायक और पूर्व मंत्री जीटी देवेगौड़ा, भाजपा एमएलसी और पूर्व मंत्री एच विश्वनाथ, पूर्व जेडी(एस) विधायक सा. रा. महेश शामिल हैं।
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