इससे पहले भाजपा ने सोमवार को भी विरोध प्रदर्शन किया था, जब्त नकदी का संबंध कांग्रेस से होने का आरोप लगाया था। आयकर छापों की पृष्ठभूमि में राज्य की विपक्षी पार्टी ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को कथित भ्रष्टाचार से जोड़ा था।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सोमवार को कहा कि आयकर विभाग ने कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और दिल्ली में सरकारी ठेकेदारों और रियल एस्टेट डेवलपर्स के यहां छापेमारी के बाद 94 करोड़ रुपये नकद के साथ-साथ आठ करोड़ रुपये के सोने, हीरे के आभूषण और 30 लग्जरी घड़ियां जब्त की हैं।
विभाग के सूत्रों ने बताया कि कर्नाटक में आयकर अधिकारियों ने एक ठेकेदार और उसके बेटे से करीब 42 करोड़ रुपये नकद जब्त किए। यहां फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन में पार्टी नेताओं का नेतृत्व करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री डी वी सदानंद गौड़ा ने आरोप लगाया, 'हम देख रहे हैं कि कांग्रेस लूटने, धन एकत्र करने और उसे अन्य चुनावी राज्यों में भेजने के एक ही एजेंडे के साथ काम कर रही है।'
पार्टी नेताओं ने कांग्रेस सरकार, सिद्धारमैया, शिवकुमार और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की। सदानंद गौड़ा ने संवाददाताओं से बात करते हुए आरोप लगाया कि कर्नाटक में जो लूट हो रही है, वैसी देश में कहीं नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने शुरू में कहा था कि वह ठेकेदारों को लंबित बिलों के लिए धन जारी नहीं करेगी, केवल उन पर (रिश्वत) देने के लिए दबाव बनाएगी।
उन्होंने कहा, 'कर्नाटक पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए एटीएम की तरह है। आयकर विभाग की जांच पर्याप्त नहीं होगी। इसके पीछे के अनदेखे हाथों को भी सामने लाया जाना चाहिए। इस लूट के पीछे जो लोग हैं, उनका पर्दाफाश करने के लिए सीबीआई जांच का आदेश दिया जाना चाहिए।'