सुरजेवाला के पास सिद्धारमैया सरकार में कोई पद नहीं है, ऐसे में एक सरकारी बैठक में सुरजेवाला के शामिल होने पर विपक्षी पार्टियों भाजपा और जेडीएस ने सवाल उठाए।
कर्नाटक में एक सरकारी बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला की मौजूदगी पर विवाद हो गया है। भाजपा और जेडीएस ने इसे लेकर सिद्धारमैया सरकार को घेर लिया है और आरोप लगाया है कि यह सिद्धारमैया सरकार या फिर 10 जनपथ सरकार! वहीं सीएम सिद्धारमैया ने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया है और दावा किया है कि सुरजेवाला ने किसी बैठक की अध्यक्षता नहीं की है।
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क्या है विवाद
बेंगलुरु में बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका की बैठक हुई थी, जिसमें राज्य के कई वरिष्ठ नौकरशाह और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी मौजूद रहे। इस बैठक में रणदीप सुरजेवाला भी शामिल हुए और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बराबर में बैठे नजर आए। सुरजेवाला के पास सिद्धारमैया सरकार में कोई पद नहीं है, ऐसे में एक सरकारी बैठक में सुरजेवाला के शामिल होने पर विपक्षी पार्टियों भाजपा और जेडीएस ने सवाल उठाए।
भाजपा-जेडीएस ने उठाए सवाल
भाजपा ने इस मुद्दे पर शिकायत के लिए राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने के लिए समय मांगा है। पूर्व डिप्टी सीएम और वरिष्ठ भाजपा नेता आर अशोक ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। भाजपा ने बैठक की एक तस्वीर भी साझा की है। जिसमें सुरजेवाला के साथ ही कर्नाटक के अतिरिक्त मुख्य सचिव राकेश सिंह, बेंगलुरु नगर पालिका के कमिश्नर तुषार गिरि नाथ और अन्य सरकारी अधिकारी शामिल हुए। भाजपा ने इस बैठक के एक फाइव स्टार होटल में आयोजित करने पर भी सवाल उठाए। जेडीएस नेता और पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी ने भी सरकारी बैठक में सुरजेवाला की मौजूदगी पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि यह सिद्धारमैया की नहीं बल्कि राज्य में 10 जनपथ की सरकार है।
सीएम ने दी सफाई
विपक्ष के आरोपों पर सीएम सिद्धारमैया ने सफाई दी है। सीएम ने कहा कि सुरजेवाला ने किसी बैठक की अध्यक्षता नहीं की है, उन्होंने सिर्फ कुछ विधायकों से बात की। डिप्टी सीएम भी वहां मौजूद थे। यह कोई आधिकारिक बैठक नहीं थी। बेंगलुरु में नगर निकाय चुनाव के लिए बेंगलुरु शहर के विधायकों को बुलाया गया था, जिसमें सुरजेवाला भी शामिल हो गए।