कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार
- फोटो : ट्विटर/सिद्धारमैया
कर्नाटक में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। इनमें सबसे पहले कांग्रेस ने अपनी तैयारियों को लेकर बड़ा एलान किया है। पार्टी ने शनिवार को विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली लिस्ट निकाली। इसमें 124 नामों को शामिल किया गया है। चुनाव लड़ने वालों में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डीके शिवकुमार के नाम शामिल हैं।
पार्टी ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डीके शिवकुमार को कनकपुरा से उम्मीदवार बनाया है। वहीं, पूर्व सीएम सिद्धारमैया को वरुणा सीट से मौका दिया गया है। दूसरी तरफ मैंगलोर सीट से यूटी अब्दुल कादर अली फरीद प्रत्याशी बनाए गए हैं। कोलार गोल्ड फील्ड से रूपकला एम कांग्रेस उम्मीदवार होंगी।
इसके अलावा बेंगलुरु की गांधीनगर सीट से दिनेश गुंडुराव चुनाव लड़ेंगे। चामराजपेट सीट से जमीर अहमद खान पार्टी का चेहरा होंगे। उधर चीतापुर सीट से मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियंक खरगे को उम्मीदवार बनाया गया है।
दो सीटों पर चुनाव लड़ना चाहते हैं सिद्धारमैया
कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने शनिवार को कहा कि वह आगामी कर्नाटक विधानसभा चुनाव में दो सीटों से चुनाव लड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी सहमत होती है तो वह वरुणा के अलावा कोलार से भी चुनाव लड़ना चाहते हैं। सिद्धारमैया इससे पहले 2008 और 2013 में वरुणा से दो बार जीते थे, और 2013 में वहां से जीतने के बाद मुख्यमंत्री भी बने थे। कर्नाटक में विपक्ष के नेता ने विभिन्न विकल्पों पर विचार करने के बाद वरुण को चुना था।
उन्होंने कहा, मैंने कहा था कि (निर्वाचन क्षेत्र के संबंध में) फैसला आलाकमान को करना है। आलाकमान ने मुझे वरुणा से चुनाव लड़ने के लिए कहा है। मैंने कहा है कि मैं कोलार से दो निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ूंगा और यहां, फिर से यह आलाकमान पर छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनके पुत्र यतीद्र किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ेंगे। कांग्रेस ने अभी तक कोलार सीट और बादामी सीट के लिए किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है, जिसका सिद्धारमैया वर्तमान में प्रतिनिधित्व करते हैं।
पार्टी के कुछ पदाधिकारियों के अनुसार, सिद्धारमैया दोनों सीटों से जीतने की स्थिति में वरुणा सीट खाली करने और बाद के उपचुनावों में यतींद्र को वहां से मैदान में उतारने की योजना बना रहे हैं।