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कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला: राज्य में गुटखा-पान मसाला बनाना, बेचना-रखना और ढोना- सब पर एक साल का प्रतिबंध

Wed, 12 Aug 2026 01:58 PM IST
Pavan एएनआई, बंगलूरू

सार

कर्नाटक सरकार ने गुटखा, पान मसाला और तंबाकू-निकोटिन वाले अन्य उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और वितरण पर एक साल के लिए रोक लगा दी है। 10 अगस्त से लागू इस आदेश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्यभर में जांच अभियान शुरू किया है। सरकार ने लोगों से प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री की सूचना देने और नशामुक्त कर्नाटक बनाने में सहयोग की अपील की है।
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कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा आयुक्त कार्यालय ने राज्य में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा व पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आदेश के तहत ऐसे उत्पादों की किसी भी तरह की आपूर्ति और बिक्री पर रोक रहेगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित कारोबारियों को प्रतिबंध का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य तंबाकू और निकोटीन के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
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कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बताया कि यह फैसला जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रतिबंध सिर्फ गुटखा और पान मसाला तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे अन्य उत्पाद भी इसके दायरे में आएंगे, जिनमें अंतिम उत्पाद के तौर पर तंबाकू या निकोटिन मौजूद है। विभाग के मुताबिक, अगर तंबाकू और निकोटिन वाले उत्पादों को अलग-अलग पैक करके इस तरह बेचा जाता है कि उपभोक्ता उन्हें आपस में मिलाकर इस्तेमाल कर सकें, तो ऐसे उत्पादों पर भी प्रतिबंध लागू होगा।
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जांच और कार्रवाई तेज
सरकार के आदेश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने पूरे राज्य में विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में टीमें दुकानों, गोदामों और अन्य स्थानों पर निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों का उद्देश्य प्रतिबंधित तंबाकू और निकोटिन उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री को रोकना है। विभाग ने कहा है कि प्रतिबंधित उत्पादों की बाजार में उपलब्धता रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(a) और संबंधित नियमों के तहत की जा रही है।

लोगों से सूचना देने की अपील
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त ने लोगों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। विभाग ने कहा कि यदि कहीं प्रतिबंधित तंबाकू या निकोटिन उत्पादों का निर्माण, बिक्री या वितरण होता दिखाई दे, तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी जाए। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य राज्य में ऐसे उत्पादों की उपलब्धता कम करना और लोगों को नशे से दूर रखना है। विभाग ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए “स्वस्थ और नशामुक्त कर्नाटक” बनाने में भागीदारी की अपील की है।
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