कर्नाटक में मुख्यमंत्री को बदले जाने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने भी पद छोड़ने के संकेत दिए हैं। येदियुरप्पा ने कहा कि उन्हें भाजपा आलाकमान के फैसले का पालन करना ही होगा। येदियुरप्पा के इस कथन ने उन अटकलों को मजबूती दे दी है, जिसमें कहा जा रहा है कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन होगा।
दरअसल मुख्यमंत्री येदियुरप्पा से मंगलवार को विभिन्न समुदायों के धर्मगुरुओं के प्रतिनिधमंडल ने मुलाकात की थी। कहा जाता है कि येदियुरप्पा ने उनसे बातचीत के दौरान यह बात कही।
हालांकि, इन धर्मगुरुओं ने चेतावनी दी है कि अगर येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद से हटाया जाता है तो कर्नाटक में भाजपा के लिए राजनीतिक परिणाम बुरे साबित होंगे।
सीएम से मुलाकात के बाद धर्मगुरुओं के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले बालेहोसुर मठ के डिंगलेश्वर स्वामी ने कहा कि येदियुर्प्पा ने केवल इतना कहा है कि वह इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है। आलाकमान का निर्णय अंतिम है। उन्हें भाजपा आलाकमान का फैसला मानना ही होगा। इसके अलावा उन्होंने कुछ और नहीं कहा।
नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच येदियुरप्पा ने विधायकों को रात्रिभोज पर आमंत्रित किया
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा अपनी सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर 25 जुलाई को पार्टी के सभी विधायकों के लिए रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे। येदियुरप्पा द्वारा विधायकों के लिए रात्रिभोज का आयोजन ऐसे समय किया जा रहा है जब राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा के एक वर्ग में ऐसी अटकलें हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाया जा सकता है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने रविवार (25 जुलाई) को शहर के एक होटल में विधायकों को रात के खाने पर आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि अभी तक विधायक दल की कोई बैठक नहीं बुलाई गई है।
पहले ऐसी खबरें थीं कि भाजपा विधायक दल की बैठक 26 जुलाई को सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर बुलाई जाएगी, जिस दौरान नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बारे में कुछ स्पष्टता की उम्मीद थी।
येदियुरप्पा, 26 जुलाई को पद पर दो साल पूरे कर रहे हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते दिल्ली का दौरा किया था जिस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की थी।