फार्मूला 75 प्लस की जद में आई अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नजमा हेपतुल्ला की कुर्सी आखिरकार बच गई। यह अभयदान उनको सूक्ष्म और लघु उद्योग मंत्री कलराज मिश्र की वजह से मिलना मुमकिन हुआ है।दरअसल, कलराज और नजमा को हटाने की स्थिति में भाजपा का सियासी गणित ठीक नहीं बैठ रहा था। इसलिए आखिरी वक्त में नजमा की विदाई रुक गई।
भाजपा ने अब यूपी चुनाव के बाद मध्य प्रदेश की तर्ज पर 75 प्लस की विदाई का फार्मूला लागू करना तय किया है। भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच 75 वर्ष से अधिक उम्र के नेताओं को रिटायर कर युवाओं को आगे लाने की है। इसी के तहत लालकृष्ण आडवाणी समेत बुजुर्ग नेताओं को मुख्यधारा से अलग किया हुआ है। हाल ही में मध्य प्रदेश में दो बुजुर्ग मंत्री बाबूलाल गौर (86) और सरताज (76) को भाजपा हाईकमान ने मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया।
केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होने से पहले कयास लगाए जा रहे थे कि उम्रदराज हो चुके कलराज मिश्र और नजमा हेपतुल्ला की छुट्टी तय है। चर्चा थी कि नजमा की जगह मुख्तार अब्बास नकवी को प्रमोशन मिल जाएगा, लेकिन मंगलवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार में यूपी चुनाव को लेकर बनने वाले सियासी गणित से तस्वीर ही बदल गई। खुद की कुर्सी बचने से विदेश गई नजमा हेपतुल्ला ने राहत की सांस ली है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 75 प्लस फार्मूले के तहत कलराज मिश्र को छोड़कर महज नजमा की विदाई करने से अल्पसंख्यकों के प्रति द्वेष के आरोप लगने का खतरा था। जबकि कलराज को हटाने से यूपी में ताकतवर ब्राह्मण बिरादरी के नाराज होने का आशंका रहती। चुनाव के चलते ब्राह्मणों की नाराजगी भारी पड़ सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक हाईकमान ने अब तय किया है कि यूपी चुनाव के बाद ही मध्य प्रदेश की तर्ज पर 75 प्लस की विदाई का फार्मूला लागू होगा।