न्यायाधीशों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि न्यायाधीशों को लोगों के लिए न्याय करने के काम में सामाजिक बदलावों को भी ध्यान में रखना चाहिए। इस दौरान जस्टिस पारदीवाला ने न्यायाधीशों से कहा कि उन्हें हर हाल में भय या पक्षपात से बचना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश जस्टिस जेबी पारदीवाला (Justice Pardiwala) ने शनिवार को गुजरात में न्यायिक अधिकारियों के सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों को आलोचकों को भड़काना नहीं चाहिए। पारदीवाला (Justice Pardiwala) ने कहा कि एक न्यायिक अधिकारी को बिना किसी भय या पक्षपात के मामलों में फैसला करना चाहिए।
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न्यायाधीशों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि न्यायाधीशों को लोगों के लिए न्याय करने के काम में सामाजिक बदलावों को भी ध्यान में रखना चाहिए। इस दौरान जस्टिस पारदीवाला ने न्यायधीशों से कहा कि उन्हें हर हाल में भय या पक्षपात से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया (judicial process) को एक नदी की तरह मानकर उसे साफ रखने के लिए हर हाल में नैतिकता के सिद्धांतों और कानून के अनुसार, धार्मिक रूप से काम करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि किसी अदालत की सफलता को मापने के लिए सच्ची कसौटी जनता द्वारा उसमें दिखाए गया विश्वास है। इस सम्मेलन में बोलते हुए गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरविंद कुमार ने राज्य में लंबित मामलों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 18,80,236 मामले लंबित हैं। इसमें से अहमदाबाद, सूरत, राजकोट और वडोदरा के चार जिलों में 51.50 प्रतिशत मामले लंबित हैं।
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न्यायाधीशों के इस सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बेला त्रिवेदी ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। वहीं, इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह भी शामिल हुए थे।