लोकसभा में पिछले सत्र में एक प्रस्ताव पारित कर जेपीसी को विस्तार दिया गया था। संयुक्त समिति को 29 नवंबर से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है।
व्यक्तिगत डाटा संरक्षण विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की शुक्रवार को हुई बैठक में विचार-विमर्श के बाद अब मसौदा रिपोर्ट को स्वीकार किए जाने की उम्मीद है। समिति मसौदे पर साक्ष्य दर्ज कर सदस्यों से सुझाव मांग सकती है।
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सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट का संकलन पूरा हो चुका है और रिपोर्ट को समिति के सामने पेश किया जाएगा। लोकसभा में पिछले सत्र में एक प्रस्ताव पारित कर जेपीसी को विस्तार दिया गया था। संयुक्त समिति को 29 नवंबर से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है।
सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट में कई खामियां थी जिन्हें ठीक करने की जरूरत थी। मसलन विभिन्न स्वायत्त या अर्ध-सरकारी एजेंसियों, निजी एजेंसियों और डेटा का उपयोग करने वाले अन्य लोगों के बयान और सुबूत पर काम करने के साथ ही डेटा सुरक्षा पर रिपोर्ट को महत्वपूर्ण बनाने के लिए सदस्यों से मिले सुझावों का विश्लेषण करने और शामिल करने की आवश्यकता थी। व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक की समीक्षा के लिए समिति का गठन किया गया था। विधेयक का उद्देश्य सरकारी और निजी एजेंसियों द्वारा व्यक्तियों के व्यक्तिगत डेटा के उपयोग को विनियमित करना है।