भाजपा अध्यक्ष और सांसद जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा कि श्रीराम सिर्फ सनातन धर्म के नहीं, बल्कि उनके आदर्शों का पालन सभी धर्मों और संस्कृति के लोग करते हैं। इंडोनेशिया में सरकारी चैनल पर रोज रामलीला का प्रसारण होता है। थाईलैंड का राजपरिवार अपने को राम के आदर्श से जोड़ता है और द. कोरिया का राजपरिवार राम को अपना पुरखा मानता है।
उच्च सदन में श्रीराम मंदिर के ऐतिहासिक निर्माण व प्राणप्रतिष्ठा विषय पर अल्पकालीन चर्चा में नड्डा ने कहा, पांच सौ साल में मंदिर के लिए सैकड़ों लोगों, संतों, निहंगों और सेवकों ने बलिदान दिया है। मुझे वह दिन याद है, जब भाजपा ने 1989 में पालमपुर अधिवेशन में मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने की घोषणा की थी। मैं किशोरावस्था से मंदिर निर्माण के संघर्ष को देख रहा हूं।
आज रोंगटे खड़े हो रहे हैं
नड्डा ने कहा, रोंगटे खड़े हो रहे हैं जब मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद उन्हें इस विषय पर उच्च सदन में बोलने का मौका मिल रहा है। नड्डा ने कहा कि श्रीराम लोगों की व्यक्तिगत जिंदगी से लेकर सार्वजनिक जीवन के आदर्शों के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि अब देश के युवा इन्हीं आदर्शों के बल पर देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
भाजपा नेताओं के जय श्रीराम के नारे नफरत दर्शाते हैं : गोगोई
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि उसके सदस्यों के ‘जय श्री राम’ के नारे गुस्से और नफरत को दर्शाते हैं। उन्होंने भाजपा सांसदों से गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की पूजा करने की परंपरा को छोड़ने का आग्रह किया। गोगोई ने कहा, भगवान राम सबके हैं और हर समय सबके साथ हैं। ‘रामराज्य’ की परिभाषा का अर्थ है, एक ऐसा युग जब हर कोई खुश हो और कोई भी दुखी न हो। उन्होंने पूछा, क्या वर्तमान में देश के उत्पीड़ित, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक खुश हैं। गोगोई ने कहा, अनुसूचित जाति के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग जाति जनगणना की मांग कर रहे हैं क्योंकि जब उच्च शिक्षा व सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी की बात आती है तो उन्हें भेदभाव महसूस होता है।