पुरी के जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार का जीर्णोद्धार कराने के लिए ओडिशा सरकार ने तैयारी कर ली है। इसके लिए रत्न भंडार को खोलकर उसका भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने सितंबर में रत्न भंडार का ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) सर्वेक्षण सहित अभ्यास किया था। ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि रत्न भंडार की तकनीकी सर्वेक्षण रिपोर्ट जल्द ही जारी होने की संभावना है। इसके बाद जीर्णोद्धार का काम शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अगले तीन से चार दिनों में जीपीआर सर्वेक्षण रिपोर्ट मिल जाएगी। यदि कीमती सामानों का भंडारण पाया जाता है, तो हम आवश्यक कार्रवाई करेंगे। अन्यथा एएसआई रत्न भंडार की मरम्मत और जीर्णोद्धार का काम शुरू कर देगा। जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद कीमती सामान रत्न भंडार में वापस ले जाया जाएगा।
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ मंदिर का प्रतिष्ठित खजाना 'रत्न भंडार' 14 जुलाई को खोला गया था। मंदिर प्रशासन ने रत्न भंडार के बाहरी और भीतरी चैंबरों से सभी मूल्यवान सामान और आभूषण हटा दिए थे और उन्हें मंदिर परिसर के भीतर एक अस्थायी कमरे में सुरक्षित रखा गया था। इसके बाद एएसआई ने मंदिर के रत्न भंडार का सर्वे किया था। यह तकनीकी सर्वे 23 सितंबर को पूरा हुआ था। अब तकनीकी सर्वेक्षण की रिपोर्ट आने के बाद यहां मरम्मत और जीर्णोद्धार का काम शुरू किया जाएगा। सरकार ने इसकी तैयारी कर ली है। इससे पहले रत्न भंडार को सन 1978 में खोला गया था।
भाजपा ने खजाना खोलने का वादा किया था
भाजपा ने ओडिशा में सत्ता में आने पर 12वीं सदी के मंदिर के खजाने को फिर से खोलने का वादा किया था। इसे दोबारा खोलना राज्य में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा था। इससे पहले रत्न भंडार 1905, 1926 और 1978 में खोला गया था और बेशकीमती चीजों की लिस्ट बनाई गई थी।